ईरान के खिलाफ दुनिया एकजुट हो! नेतन्याहू की जोरदार अपील, कहा- समय आ गया है दुनिया भर के नेताओं को साथ आने का
ईरान के खिलाफ दुनिया एकजुट हो! नेतन्याहू की जोरदार अपील, कहा- समय आ गया है दुनिया भर के नेताओं को साथ आने का
इज़राइल-ईरान युद्ध (US-इज़राइल vs ईरान) के 22वें दिन इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दुनिया भर के देशों से बड़ी अपील की है। ईरान के हालिया मिसाइल हमलों के बाद दक्षिणी इज़राइली शहर अराद में पहुंचकर उन्होंने कहा कि ईरान अब सिर्फ इज़राइल या अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा बन चुका है।
नेतन्याहू ने कहा,
“इज़राइल और अमेरिका पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए लड़ रहे हैं। ईरान ने नागरिकों, धार्मिक स्थलों, सैन्य ठिकानों पर हमले किए। होर्मुज स्ट्रेट को लगभग बंद कर दिया, गल्फ में तेल-गैस सुविधाओं पर अटैक किए। क्या और सबूत चाहिए कि इस रिजीम को रोकना जरूरी है? अब समय आ गया है कि बाकी देशों के नेता भी जुड़ें। कुछ देश पहले से ही इस दिशा में बढ़ रहे हैं, लेकिन और ज्यादा की जरूरत है!”
उन्होंने दावा किया कि ईरान के हालिया हमलों में:
अराद और डिमोना में मिसाइल गिरने से दर्जनों इमारतें तबाह, 100+ लोग घायल।
ईरान ने क्लस्टर मुनिशन का इस्तेमाल बढ़ाया है, जो ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।
हमले मध्य ईरान (जैसे इस्फहान) से हो रहे हैं, क्योंकि इज़राइल ने पश्चिमी ईरान के लॉन्चर तबाह कर दिए।
नेतन्याहू ने जोर दिया कि यह जंग सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, ग्लोबल है। ईरान यूरोप तक पहुंच सकता है। उन्होंने दुनिया से अपील की कि एकजुट होकर ईरान के न्यूक्लियर, बैलिस्टिक मिसाइल और बैलिस्टिक प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म किया जाए।
ताजा अपडेट्स:
ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया — होर्मुज स्ट्रेट खोलो, वरना पावर प्लांट्स पर हमला।
22 देशों (UAE, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया आदि) ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान की कार्रवाइयों की निंदा की और स्ट्रेट खोलने की मांग की।
इज़राइल का दावा: ईरान का यूरेनियम संवर्धन और मिसाइल प्रोडक्शन क्षमता लगभग खत्म।
युद्ध में इज़राइल-US की स्ट्राइक्स इस हफ्ते और तेज होने वाली हैं।
यह अपील ऐसे समय में आई है जब ग्लोबल ऑयल मार्केट हिल चुके हैं, कीमतें आसमान छू रही हैं, और दुनिया के कई हिस्सों में ईंधन संकट गहरा रहा है। नेतन्याहू का कहना है कि अगर दुनिया एकजुट हुई तो यह जंग जल्द खत्म हो सकती है और वैश्विक सुरक्षा मजबूत होगी।
