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हाईवे पर अब AI की नजर! गड्ढे- अतिक्रमण तुरंत पकड़े जाएंगे, ड्राइविंग एक्सपीरियंस बदल जाएगा

हाईवे पर अब AI की नजर! गड्ढे- अतिक्रमण तुरंत पकड़े जाएंगे, ड्राइविंग एक्सपीरियंस बदल जाएगा

भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर अब और सुरक्षित, सुचारू और हाई-टेक होने वाला है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने करीब 40,000 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे नेटवर्क पर AI-पावर्ड डैशकैम एनालिटिक्स सर्विसेज (DAS) लागू करने का बड़ा फैसला लिया है। यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग की मदद से सड़कों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा, जिससे ड्राइविंग का पूरा अनुभव बदल जाएगा।

इस नई व्यवस्था के तहत रूट पेट्रोल व्हीकल्स (RPV) पर हाई-रेजोल्यूशन डैशकैम लगाए जाएंगे। ये वाहन हर हफ्ते हाईवे का सर्वे करेंगे और कैमरे हाई-क्वालिटी इमेज व वीडियो कैप्चर करेंगे। AI/ML मॉडल्स खुद-ब-खुद 30 से ज्यादा तरह की खामियों का पता लगाएंगे, जैसे:

गड्ढे (पॉटहोल्स)

सड़क की दरारें और सतह का नुकसान

फीकी लेन मार्किंग

टूटी क्रैश बैरियर और रोड फर्नीचर

खराब स्ट्रीट लाइट्स और साइनेज

अतिक्रमण (encroachments)

ड्रेनेज की समस्या, पानी जमा होना, वनस्पति उगना आदि

खास बात यह है कि सिस्टम नाइट सर्वे भी करेगा ताकि लाइटिंग और विजिबिलिटी से जुड़ी समस्याएं भी पकड़ी जा सकें। जैसे ही कोई कमी डिटेक्ट होगी, AI तुरंत अलर्ट भेजेगा, सेंट्रलाइज्ड डेटा प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट बनेगी और मरम्मत का काम तेजी से शुरू हो जाएगा। इससे पहले की तरह महीनों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

NHAI का कहना है कि यह कदम सड़क सुरक्षा बढ़ाने, रखरखाव को डेटा-ड्रिवन बनाने और यात्रियों के लिए बेहतर एक्सपीरियंस देने के लिए उठाया गया है। खासकर उन हाईवे पर जहां गड्ढों और खराब मेंटेनेंस से दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं, वहां बड़ा बदलाव आएगा।

यह तकनीक भारत के हाईवे को स्मार्ट और फ्यूचर-रेडी बनाने की दिशा में एक बड़ा स्टेप है। जल्द ही ड्राइविंग के दौरान अब “गड्ढा कहां है?” की टेंशन कम हो जाएगी, क्योंकि AI पहले ही सब संभाल लेगा!

(अपडेट: NHAI की आधिकारिक घोषणा 21 मार्च 2026 को हुई, और यह योजना चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।)

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