अमेरिका-इजरायल ने ईरान के नतांज परमाणु केंद्र को बनाया निशाना! युद्ध में नया मोड़, रेडिएशन लीक नहीं हुआ
अमेरिका-इजरायल ने ईरान के नतांज परमाणु केंद्र को बनाया निशाना! युद्ध में नया मोड़, रेडिएशन लीक नहीं हुआ
मिडिल ईस्ट में चल रही अमेरिका-इजरायल vs ईरान की जंग (2026 ईरान युद्ध) ने नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। ईरान के सबसे महत्वपूर्ण यूरेनियम संवर्धन (enrichment) केंद्र नतांज न्यूक्लियर फैसिलिटी (Natanz Nuclear Facility) पर शनिवार (21 मार्च) को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त एयरस्ट्राइक हुई। ईरान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी मिजान और तस्नीम ने कन्फर्म किया कि हमले में बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन कोई रेडियोएक्टिव लीक या रेडिएशन रिसाव नहीं हुआ – आसपास के इलाकों में लोग सुरक्षित हैं।
हमले का समय: शनिवार सुबह/दोपहर – युद्ध के चौथे हफ्ते में यह दूसरा या तीसरा हमला नतांज पर (पहला फरवरी-मार्च के शुरुआती दिनों में हुआ था)।
नुकसान: ईरान के एटॉमिक एनर्जी ऑर्गनाइजेशन ने कहा कि मुख्य अंडरग्राउंड फैसिलिटी को सीधा नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन एंट्री पॉइंट्स (पर्सनल और व्हीकल एंट्रेंस) को टारगेट किया गया। सैटेलाइट इमेजरी (Institute for Science and International Security) से पुष्टि हुई कि दो-तीन जगहों पर भारी डैमेज – बिल्डिंग्स ध्वस्त।
IAEA का बयान: इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (UN न्यूक्लियर वॉचडॉग) ने कन्फर्म किया कि “कुछ डैमेज” हुआ है, लेकिन कोई रेडियोलॉजिकल कंसिक्वेंस (रेडिएशन रिस्क) नहीं – ऑफ-साइट रेडिएशन लेवल नॉर्मल। IAEA ने दोनों तरफ से संयम बरतने की अपील की।
युद्ध का बैकग्राउंड और क्यों नतांज टारगेट?
युद्ध की शुरुआत: 28 फरवरी 2026 को अमेरिका (ऑपरेशन Epic Fury) और इजरायल (Roaring Lion) ने ईरान पर सरप्राइज अटैक्स शुरू किए – मकसद: ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, बैलिस्टिक मिसाइल्स और रिजीम चेंज।
नतांज ईरान का मुख्य यूरेनियम एनरिचमेंट साइट है (220 किमी दक्षिण-पूर्व तेहरान) – यहां हाईली एनरिच्ड यूरेनियम बनता है, जो न्यूक्लियर वेपन के करीब माना जाता है।
पहले भी टारगेट: जून 2025 के 12-दिन के ईरान-इजरायल युद्ध में भी नतांज को भारी नुकसान पहुंचा था (अंडरग्राउंड हिस्से बंकर बस्टर से तबाह)। अब फिर अटैक से ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम और कमजोर हो सकता है।
ईरान का रिएक्शन: “क्रिमिनल अटैक” बताया, अमेरिका-इजरायल को जिम्मेदार ठहराया। IRGC ने जवाबी हमले किए (ड्रोन, मिसाइल्स), लेकिन डिएगो गार्सिया बेस पर ईरानी मिसाइलें रोकी गईं। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद रखने की धमकी दी।
दुनिया की प्रतिक्रिया:
रूस ने हमले को “इंटरनेशनल लॉ का उल्लंघन” बताया।
कई देशों ने न्यूक्लियर एक्सीडेंट के खतरे पर चिंता जताई।
अमेरिका-इजरायल ने डायरेक्ट कमेंट नहीं किया, लेकिन इजरायल ने कहा कि “स्ट्राइक्स इंटेंसिफाई होंगी”।
यह हमला युद्ध को और गंभीर बना रहा है – न्यूक्लियर साइट्स पर अटैक से रिस्क बहुत बढ़ गया है। फिलहाल कोई रेडिएशन लीक नहीं, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण।
