बदायूं: पूर्व कर्मचारी ने HPCL प्लांट के GM और डिप्टी मैनेजर को क्यों गोलियों से भूना? विवाद और ब्लैकलिस्टिंग से भड़की नफरत!
बदायूं: पूर्व कर्मचारी ने HPCL प्लांट के GM और डिप्टी मैनेजर को क्यों गोलियों से भूना? विवाद और ब्लैकलिस्टिंग से भड़की नफरत!
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में दिनदहाड़े सनसनीखेज डबल मर्डर! हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के एथेनॉल/बायोगैस प्लांट (सैंजनी/सहजनी गांव, मूसाझाग थाना क्षेत्र) में गुरुवार (12 मार्च 2026) को एक पूर्व वेंडर/कर्मचारी ने प्लांट में घुसकर जनरल मैनेजर (GM) सुधीर कुमार गुप्ता और डिप्टी जनरल मैनेजर/एजीएम हर्षित मिश्रा को ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपी कौन है?
नाम: अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू (उम्र करीब 40-45 साल)।
निवासी: सहजनी गांव (प्लांट के पास)।
पूर्व संबंध: प्लांट में वेंडर/कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के तौर पर काम करता था।
क्यों की हत्या? मुख्य वजह क्या सामने आई?
नौकरी से निकाले जाने की खुन्नस: पुलिस जांच और जिलाधिकारी अवनीश राय के बयान के मुताबिक, आरोपी को कुछ समय पहले विवाद के कारण प्लांट से ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। इससे वह बेहद नाराज था और बदला लेने की योजना बना रहा था।
पर्सनल रंजिश: प्लांट में काम के दौरान GM और डिप्टी मैनेजर के साथ विवाद हुआ था। आरोपी का आरोप था कि उसका कॉन्ट्रैक्ट/वर्क अनुचित तरीके से खत्म किया गया। यह नफरत इतनी गहरी थी कि उसने लाइसेंस्ड हथियार लेकर प्लांट में घुसकर गाली-गलौज की और फायरिंग शुरू कर दी।
घटना का तरीका: आरोपी प्लांट के अंदर पहुंचा, GM सुधीर कुमार गुप्ता पर पहले फायर किया (सीने में गोली लगी, मौके पर मौत)। बीच-बचाव करने आए डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा पर भी ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। पूरा इलाका दहशत में आ गया—भगदड़ मची, लोग छिप गए।
पुलिस का कहना: अभी तक कोई संगठित गिरोह या बड़ा कनेक्शन नहीं मिला। यह पर्सनल दुश्मनी और नौकरी से निकाले जाने की वजह से हुआ लगता है। आरोपी के पास लाइसेंस्ड पिस्तौल थी।
क्या हुआ आगे?
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज।
प्लांट में सुरक्षा बढ़ाई गई है। HPCL मैनेजमेंट ने शोक जताया और परिवारों को मदद का भरोसा दिया।
बदायूं DM ने बताया कि जांच जारी है—क्या कोई और वजह थी या सिर्फ पुरानी रंजिश?
यह घटना इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में कर्मचारी-मैनेजमेंट विवादों की गंभीरता दिखाती है। क्या लगता है—नौकरी से निकाले जाने पर इतना बड़ा कदम उठाना जायज है? या प्लांट की सिक्योरिटी में चूक थी?
