जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर गोली चलाने वाला कौन? अब तक क्या खुलासे हुए?
जम्मू में फारूक अब्दुल्ला पर गोली चलाने वाला कौन? अब तक क्या खुलासे हुए?
जम्मू-कश्मीर में बड़ा हादसा टल गया! 11 मार्च 2026 की रात को जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक शादी समारोह (Royal Park मैरिज हॉल) के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला पर पॉइंट-ब्लैंक रेंज से गोली चलाई गई। गोली चूक गई और फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित बच गए। साथ ही जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी भी मौके पर थे, लेकिन दोनों को कोई चोट नहीं आई।
हमलावर कौन है?
हमलावर की पहचान कमल सिंह जमवाल (Kamal Singh Jamwal) के रूप में हुई है।
उम्र: 63 साल।
निवासी: जम्मू का पुरानी मंडी इलाका।
पेशा: माइनिंग इंडस्ट्री से जुड़े बताए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें ‘जागरण मंच’ (Jagran Manch) का चेयरमैन भी कहा गया है (हालांकि यह संगठन अभी अज्ञात है)।
हथियार: लाइसेंस्ड पिस्तौल (उनकी खुद की, पुलिस ने कन्फर्म किया)।
अब तक के मुख्य खुलासे (12 मार्च 2026 तक)
मोटिव: कमल सिंह जमवाल ने पुलिस पूछताछ में बिना पछतावे के कहा कि वह पिछले 20 साल से फारूक अब्दुल्ला को मारने की प्लानिंग कर रहा था। उसने इसे “पर्सनल एजेंडा” बताया। कोई राजनीतिक या टेरर कनेक्शन नहीं मिला।
पुलिस का कहना: पुलिस ने टेरर एंगल को पूरी तरह खारिज कर दिया है। हमलावर उस समय नशे में धुत (drunk) था। कोई संगठन या ग्रुप से लिंक नहीं पाया गया।
कैसे हुआ हमला?: फारूक अब्दुल्ला (Z+ सिक्योरिटी के साथ NSG कमांडोज) शादी से निकल रहे थे। हमलावर पीछे से आया, करीब पहुंचा और गोली चलाई। NSG कमांडोज ने तुरंत उसे पकड़ लिया और गोली को डिफ्लेक्ट कर दिया। CCTV फुटेज में पूरा सीन कैद हुआ है—हमलावर को पकड़ते हुए दिखाया गया।
पुलिस जांच: पुलिस हमलावर की बैकग्राउंड, सोशल/ऑर्गनाइजेशनल लिंक्स और मोटिव की गहराई से जांच कर रही है। अभी तक कोई बड़ा कनेक्शन नहीं मिला।
फारूक अब्दुल्ला की पहली प्रतिक्रिया: “गॉड सेव्ड मी… मैंने सोचा था पटाखा फूटा है। किलर को हमेशा एडवांटेज होता है।” उनके बेटे और J&K CM ओमर अब्दुल्ला ने कहा, “बहुत क्लोज शेव था। सिक्योरिटी लैप्स पर सवाल हैं—Z+ प्रोटेक्शन में कैसे इतने करीब पहुंच गया?”
अन्य अपडेट: हमलावर को पुलिस हिरासत में लिया गया है। कोई और गिरफ्तारी नहीं हुई। घटना के बाद राजनीतिक हलकों में सिक्योरिटी पर बहस छिड़ गई है।
यह हमला राजनीतिक हिंसा का संकेत नहीं लगता—बल्कि एक व्यक्ति की लंबे समय से चली आ रही नफरत का नतीजा। पुलिस जांच जारी है, और जल्द ही और डिटेल्स आ सकती हैं।
क्या लगता है—20 साल पुरानी नफरत का कारण क्या हो सकता है? या सिक्योरिटी में लैप्स था? कमेंट में बताएं!
