उत्तराखंड

21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का: गैरसैंण विधानसभा में CM धामी का हुंकार, 1.11 लाख करोड़ के बजट पर हुई चर्चा

21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का: गैरसैंण विधानसभा में CM धामी का हुंकार, 1.11 लाख करोड़ के बजट पर हुई चर्चा

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक ऐतिहासिक संबोधन दिया। राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान सीएम धामी ने न केवल राज्य के विकास का खाका खींचा, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को राज्य की प्रगति का मूल आधार बताया।

‘मोदी का संकल्प, हमारा समर्पण’

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2021 का स्मरण करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की पवित्र धरती से घोषणा की थी कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा।” सीएम धामी ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा:

“मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि हमारी सरकार पीएम मोदी के उस संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम निरंतर उस दिशा में कार्य कर रहे हैं जहाँ उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो।”

वाजपेयी ने रखी नींव, मोदी संवार रहे भविष्य

अपने भाषण की शुरुआत में मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने देवभूमि के देवी-देवताओं और राज्य निर्माण के अमर शहीदों को नमन किया।

* श्रद्धांजलि: उन्होंने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उत्तराखंड राज्य की नींव रखी थी।

* विकास का युग: आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उस नींव पर एक भव्य और विकसित उत्तराखंड का निर्माण हो रहा है।

* सांस्कृतिक पहचान: सीएम ने पीएम मोदी द्वारा उत्तराखंडी टोपी धारण करने का जिक्र करते हुए कहा कि 26 जनवरी 2022 के बाद से यह टोपी हर उत्तराखंडी के स्वाभिमान और वैश्विक पहचान का प्रतीक बन गई है।

वित्त मंत्री के रूप में सीएम का पहला ‘ऐतिहासिक’ बजट

यह सत्र मुख्यमंत्री धामी के लिए व्यक्तिगत रूप से भी विशेष रहा, क्योंकि उन्होंने पहली बार राज्य के वित्त मंत्री के रूप में बजट पेश किया।

* बजट का आकार: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का विशाल बजट पेश किया गया है।

* विकास का रोडमैप: मुख्यमंत्री ने इसे महज एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि आगामी वर्षों के लिए राज्य की दिशा और दशा तय करने वाला एक व्यवस्थित रोडमैप बताया।

* रजतोत्सव संकल्प: राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर आयोजित ‘देवभूमि रजतोत्सव’ के दौरान लिए गए संकल्पों को यह बजट धरातल पर उतारेगा।

नकल माफिया और भ्रष्टाचार पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

युवाओं के भविष्य पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने नकल माफियाओं की कमर तोड़ दी है।

* कड़े कदम: ‘पटवारी स्कैम’ सहित अन्य भर्ती घोटालों के खिलाफ लिए गए सख्त एक्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो काम पिछली सरकारें नहीं कर पाईं, वह हमने दृढ़ इच्छाशक्ति से कर दिखाया है।

* कानून-व्यवस्था: राज्य में शुचिता और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

सदन में विधेयकों की झड़ी और ‘GYAN’ मॉडल

बजट सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य संपन्न हुए। मुख्यमंत्री ने सदन के पटल पर निम्नलिखित प्रमुख विधेयक रखे:

* उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक

* जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक 2026

* उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) विधेयक

बजट के चार स्तंभ (GYAN):

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 1.11 लाख करोड़ का यह बजट ‘GYAN’ मॉडल पर आधारित है:

* G (Garib): गरीबों का कल्याण।

* Y (Yuva): युवाओं को अवसर।

* A (Annadata): किसानों की समृद्धि।

* N (Nari): नारी शक्ति का सशक्तीकरण।

निष्कर्ष

गैरसैंण की ठंडक के बीच सदन में हुई यह चर्चा उत्तराखंड के भविष्य की तपिश को महसूस करा रही थी। सीएम धामी ने अपने संबोधन के अंत में दोहराया कि सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर मैदानी इलाकों तक, हर वर्ग के विकास के लिए यह बजट एक मजबूत आधारशिला साबित होगा।

 

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