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सुप्रीम कोर्ट ने NCERT किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ चैप्टर पर सख्त रुख अपनाया: कहा- ‘सींगों से पकड़ेंगे’, सोशल मीडिया पर टिप्पणियों पर भी नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने NCERT किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ चैप्टर पर सख्त रुख अपनाया: CJI सूर्यकांत ने कहा- ‘सींगों से पकड़ेंगे’, सोशल मीडिया पर टिप्पणियों पर भी नाराजगी

सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की क्लास 8 की सामाजिक विज्ञान किताब में शामिल ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ (Corruption in Judiciary) वाले चैप्टर पर बुधवार को सुनवाई के दौरान कड़ा रुख अपनाया। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस सूर्यकांत ने मामले को “गहरा साजिश” बताते हुए कहा कि अदालत न्यायपालिका की छवि को बदनाम करने वालों को बख्शेगी नहीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर गैर-जिम्मेदाराना और अभद्र टिप्पणियों करने वालों पर भी निशाना साधा और कहा कि ऐसे लोगों को “सींगों से पकड़ेंगे”।

यह मामला NCERT की नई क्लास 8 किताब के अध्याय ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ (The Role of the Judiciary in Our Society) से जुड़ा है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार, लंबित मामलों (सुप्रीम कोर्ट में 81,000+, हाई कोर्ट्स में 62 लाख+, सबॉर्डिनेट कोर्ट्स में 4.7 करोड़+) और जजों के आचरण पर चर्चा की गई है। कोर्ट ने इसे युवा दिमागों में पूर्वाग्रह पैदा करने वाला बताया।

सुनवाई की मुख्य बातें (26 फरवरी 2026 को हुई प्रमुख सुनवाई)

CJI सूर्यकांत की टिप्पणियां:

“किसी को भी पृथ्वी पर न्यायपालिका को बदनाम करने या उसकी अखंडता पर सवाल उठाने की अनुमति नहीं देंगे।”

“यह गहराई से जड़ें जमाए साजिश लगती है। हम जांच करेंगे कि इसके पीछे कौन है—हेड्स मस्ट रोल (जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी)।”

सोशल मीडिया पर न्यायपालिका के खिलाफ “गैर-जिम्मेदाराना” और “अभद्र” टिप्पणियों पर नाराजगी जताते हुए कहा, “ऐसे लोगों को हम सींगों से पकड़ेंगे।”

कोर्ट के आदेश:

किताब पर पूर्ण प्रतिबंध (blanket ban) लगाया—प्रिंटिंग, रीप्रिंटिंग, डिजिटल प्रसारण और वितरण बंद।

सभी फिजिकल कॉपीज की जब्ती और ऑनलाइन PDF/डिजिटल वर्जन हटाने का निर्देश।

केंद्र सरकार को ऐसे प्लेटफॉर्म्स और लोगों की पहचान करने का आदेश, जिन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणियां कीं, ताकि कानूनी कार्रवाई (contempt of court सहित) हो सके।

NCERT डायरेक्टर और स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी को शो-कॉज नोटिस जारी, जवाब मांगा कि क्यों contempt न हो।

NCERT ने अनकंडीशनल माफी मांगी, लेकिन कोर्ट ने इसे अपर्याप्त बताया और डायरेक्टर की डिफेंसिव रिस्पॉन्स पर सवाल उठाए।

बेंच: CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली।

पृष्ठभूमि

मामला 25 फरवरी 2026 को वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा उठाया गया, जिसके बाद CJI ने सुओ मोटू (स्वतः संज्ञान) लिया। कोर्ट ने कहा कि स्कूली बच्चों को ऐसी सामग्री पढ़ाकर न्यायपालिका के प्रति अविश्वास पैदा करना गलत है। NCERT ने बाद में चैप्टर को रिवाइज करने की बात कही, लेकिन कोर्ट ने सख्ती बरती।

यह फैसला न्यायपालिका की गरिमा और contempt of court के मुद्दे पर नया संदेश देता है। सोशल मीडिया यूजर्स पर भी नजर रखी जा रही है। स्थिति पर नजर बनी हुई है—अगली सुनवाई में और अपडेट्स आ सकते हैं।

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