चैत्र नवरात्रि 2026: 19 मार्च से शुरू होंगे नौ दिवसीय उत्सव, जानिए माता के 9 स्वरूपों को किस दिन क्या भोग लगाएं
चैत्र नवरात्रि 2026: 19 मार्च से शुरू होंगे नौ दिवसीय उत्सव, जानिए माता के 9 स्वरूपों को किस दिन क्या भोग लगाएं
हिंदू कैलेंडर के अनुसार, चैत्र नवरात्रि 2026 गुरुवार, 19 मार्च 2026 से शुरू हो रही है और यह नौ दिनों तक चलेगा, जो 27 मार्च 2026 (शुक्रवार) को राम नवमी के साथ समाप्त होगा। यह उत्सव नव दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा का पर्व है, जो हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी माना जाता है। पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाती है और मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की आराधना से भक्त शक्ति, स्वास्थ्य, समृद्धि और सिद्धि प्राप्त करते हैं।
चैत्र नवरात्रि के दौरान व्रत, पूजा, भजन-कीर्तन और विशेष भोग लगाने की परंपरा है। प्रत्येक दिन एक विशेष देवी रूप की पूजा होती है, साथ ही रंग और भोग भी निर्धारित होते हैं। यहां दिन-दर-दिन विवरण दिया जा रहा है:
दिन 1: 19 मार्च 2026 (गुरुवार) – प्रतिपदा
देवी: मां शैलपुत्री (पहाड़ की पुत्री, शक्ति का प्रतीक)
रंग: पीला
भोग/प्रसाद: देशी घी (Desi Ghee) – मां को घी चढ़ाने से शारीरिक और मानसिक बल मिलता है।
दिन 2: 20 मार्च 2026 (शुक्रवार) – द्वितीया
देवी: मां ब्रह्मचारिणी (तपस्या और ज्ञान की देवी)
रंग: हरा
भोग/प्रसाद: चीनी (Sugar) – यह भोग भक्ति और संयम की शक्ति प्रदान करता है।
दिन 3: 21 मार्च 2026 (शनिवार) – तृतीया
देवी: मां चंद्रघंटा (साहस और सुरक्षा की देवी)
रंग: ग्रे/स्लेटी
भोग/प्रसाद: खीर (Kheer) – दूध आधारित खीर चढ़ाने से साहस और नकारात्मकता से मुक्ति मिलती है।
दिन 4: 22 मार्च 2026 (रविवार) – चतुर्थी
देवी: मां कूष्मांडा (सृष्टि की रचयिता)
रंग: नारंगी
भोग/प्रसाद: मालपुआ या कुंदन (Malpua) – मीठा प्रसाद ऊर्जा और सृजन शक्ति देता है।
दिन 5: 23 मार्च 2026 (सोमवार) – पंचमी
देवी: मां स्कंदमाता (कार्तिकेय की माता, ज्ञान और मोक्ष की देवी)
रंग: सफेद
भोग/प्रसाद: केला (Banana) – फल चढ़ाने से बुद्धि और संतान सुख प्राप्त होता है।
दिन 6: 24 मार्च 2026 (मंगलवार) – षष्ठी
देवी: मां कात्यायनी (योद्धा रूप, शत्रु नाशिनी)
रंग: लाल
भोग/प्रसाद: शहद (Honey) – मधुर प्रसाद से शत्रु भय दूर होता है और शांति मिलती है।
दिन 7: 25 मार्च 2026 (बुधवार) – सप्तमी
देवी: मां कालरात्रि (काल की रात्रि, भय नाशिनी)
रंग: नीला/काला
भोग/प्रसाद: जागरी या गुड़ (Jaggery) – कड़वाहट दूर करने वाला प्रसाद भय से मुक्ति देता है।
दिन 8: 26 मार्च 2026 (गुरुवार) – अष्टमी
देवी: मां महागौरी (शुद्धि और शांति की देवी)
रंग: गुलाबी/हल्का नीला
भोग/प्रसाद: नारियल या दूध आधारित मिठाई (Coconut or Milk sweets) – शुद्धि और शांति के लिए। कन्या पूजन भी किया जाता है।
दिन 9: 27 मार्च 2026 (शुक्रवार) – नवमी
देवी: मां सिद्धिदात्री (सिद्धियों की देवी)
रंग: बैंगनी/पीला
भोग/प्रसाद: विभिन्न फल या मिश्रित प्रसाद (Mixed fruits/sweets) – सभी सिद्धियां प्रदान करती हैं। राम नवमी के रूप में भी मनाया जाता है।
घटस्थापना मुहूर्त (19 मार्च 2026): मुख्य मुहूर्त सुबह 6:52 से 7:43 तक, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 तक।
भक्तों को सात्विक भोजन, व्रत और मंत्र जाप की सलाह दी जाती है। मां दुर्गा की कृपा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आए और सभी मनोकामनाएं पूर्ण हों।
