होर्मुज बनी ‘डेथ वैली’… ईरान समुद्री माइंस बिछा रहा, ट्रंप का दावा- 16 जहाजों को उड़ाया
होर्मुज बनी ‘डेथ वैली’… ईरान समुद्री माइंस बिछा रहा, ट्रंप का दावा- 16 जहाजों को उड़ाया
पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका-इजरायल संघर्ष अब समुद्री मोर्चे पर पहुंच गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), जहां से दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति गुजरती है, अब ‘डेथ वैली’ के नाम से कुख्यात हो रहा है। ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में समुद्री माइंस (sea mines) बिछाना शुरू कर दिया है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के माइन बिछाने वाले जहाजों पर हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने पहले 10 निष्क्रिय माइन-लेइंग जहाजों को पूरी तरह तबाह करने की बात कही, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बाद में पुष्टि की कि 16 ईरानी माइन-लेइंग नौसैनिक जहाजों को नष्ट किया गया। ट्रंप ने चेतावनी दी, “अगर ईरान ने होर्मुज में कोई माइन बिछाई है (हालांकि अभी कोई रिपोर्ट नहीं है), तो उन्हें तुरंत हटानी होगी, वरना ईरान को पहले कभी न देखे गए सैन्य परिणाम भुगतने पड़ेंगे।”
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने हाल के दिनों में दर्जनों माइंस बिछाई हैं, हालांकि यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है। ईरान के पास अभी भी अपनी छोटी नौकाओं और माइन-लेइंग जहाजों का 80-90% बचा हुआ है, जिससे वह सैकड़ों माइंस बिछाने की क्षमता रखता है। ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने पहले ही चेतावनी दी है कि होर्मुज से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर हमला किया जाएगा, और कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान ने इस रूट पर कई तेल टैंकरों को निशाना बनाया है।
यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब होर्मुज स्ट्रेट पहले से ही बंदी की स्थिति में है, और सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं। भारत ने भी ईरानी जलमार्ग में फंसे अपने जहाजों को निकालने के लिए नौसेना के युद्धपोत तैनात करने की तैयारी की है। अमेरिका ने साफ कहा है कि वह इस महत्वपूर्ण रूट की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और ईरान की नौसैनिक क्षमताओं को और कमजोर करने के लिए तैयार है।
ट्रंप ने ड्रग तस्करों के खिलाफ इस्तेमाल की गई तकनीक और मिसाइलों का हवाला देते हुए कहा कि माइन बिछाने की कोशिश करने वाली किसी भी नाव या जहाज को तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा। वैश्विक बाजारों में तेल की कीमतें पहले ही आसमान छू रही हैं, और यदि स्थिति और बिगड़ती है तो वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।
भारत सहित कई देश इस संकट पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि होर्मुज की सुरक्षा वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
