राजनीति

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: फर्जी रजिस्ट्री का खेल खत्म, 12,000 से अधिक गांवों के लिए ‘CM ग्राम परिवहन योजना’ को मंजूरी

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: फर्जी रजिस्ट्री का खेल खत्म, 12,000 से अधिक गांवों के लिए ‘CM ग्राम परिवहन योजना’ को मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लोक भवन में हुई कैबिनेट बैठक में कई क्रांतिकारी फैसले लिए गए। सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं, वहीं ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए नई परिवहन योजना को हरी झंडी दे दी है। बैठक में कुल 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी मिली।

1. फर्जी रजिस्ट्री पर लगाम: ‘नो वेरिफिकेशन, नो रजिस्ट्री’

उत्तर प्रदेश में अब संपत्तियों की फर्जी रजिस्ट्री करना नामुमकिन होगा। सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को ‘टाइटल-आधारित’ (Title-based) बनाने का निर्णय लिया है।

* खतौनी से मिलान: अब रजिस्ट्री से पहले विक्रेता का नाम राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी) में होना अनिवार्य होगा। यदि नाम मेल नहीं खाता है, तो रजिस्ट्री सॉफ्टवेयर उसे स्वतः ही रिजेक्ट कर देगा।

* आधार ऑथेंटिकेशन: फर्जी गवाहों और पहचान पत्रों के खेल को खत्म करने के लिए 1 फरवरी 2026 से ही बायोमेट्रिक और आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।

* Transparency: इस कदम से जमीन माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने और आम जनता के निवेश को सुरक्षित करने में मदद मिलेगी।

2. मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना (2026)

ग्रामीण इलाकों के निवासियों के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ एक बड़ा उपहार बनकर आई है।

* गांवों तक पहुंचेगी बस: इस योजना के तहत प्रदेश के उन 12,200 दूर-दराज के गांवों को मुख्य शहरों से जोड़ा जाएगा, जहां अभी तक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं है।

* छोटी बसें: ग्रामीण क्षेत्रों की संकरी सड़कों के लिए 28 सीटर छोटी बसों का संचालन किया जाएगा।

* टैक्स में छूट: इन बसों के संचालन पर सरकार कोई टैक्स नहीं लेगी। प्राइवेट ऑपरेटर्स को भी इसमें शामिल किया जाएगा, जिससे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

* रात में ठहराव: ये बसें रात में गांवों में ही रुकेंगी ताकि सुबह जल्दी शहर जाने वाले छात्रों, मरीजों और किसानों को कोई दिक्कत न हो।

कैबिनेट के अन्य प्रमुख फैसले:

* सरकारी कर्मचारियों पर सख्ती: अब सरकारी कर्मचारियों को 2 महीने की बेसिक सैलरी से अधिक मूल्य की संपत्ति (गाड़ी, सोना या निवेश) खरीदने पर विभाग को जानकारी देना अनिवार्य होगा।

* घर खरीदारों को राहत: रेरा (RERA) के नियमों के तहत डिफॉल्टर बिल्डरों की संपत्तियों के निस्तारण और घर खरीदारों को कब्जा दिलाने के लिए नई ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (OTS) योजना को मंजूरी।

* डेयरी विकास: बुंदेलखंड के बांदा में 20 हजार लीटर क्षमता का नया डेयरी प्लांट स्थापित किया जाएगा।

* ओला-उबर पर लगाम: ऐप-आधारित टैक्सी सेवाओं को अब परिवहन विभाग में विधिवत पंजीकरण कराना होगा और प्रति ऑपरेटर ₹25,000 की फीस देनी होगी।

“हमारा लक्ष्य उत्तर प्रदेश के हर गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी व्यवस्था कायम करना है।” > — सुरेश खन्ना, कैबिनेट मंत्री (यूपी)

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