युद्ध से तेल कीमतों में आग: 2022 के बाद पहली बार ब्रेंट क्रूड $100 के पार, बाजार में हड़कंप
युद्ध से तेल कीमतों में आग: 2022 के बाद पहली बार ब्रेंट क्रूड $100 के पार, बाजार में हड़कंप
मिडिल ईस्ट में ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के तेज होने से वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मच गई है। आज (9 मार्च 2026) ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत $105-106 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई, जो 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार $100 के पार है। WTI क्रूड भी $102-103 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
क्यों बढ़ी कीमतें?
युद्ध अब दूसरे हफ्ते में है और ईरान, इजरायल तथा अमेरिका ने तेल और गैस सुविधाओं पर हमले किए हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जहां से दुनिया का 20% तेल गुजरता है।
ईरान, इराक और अन्य खाड़ी देशों में उत्पादन और शिपिंग बाधित होने से सप्लाई चेन टूट रही है।
पिछले हफ्ते ब्रेंट में 28% और WTI में 36% की तेजी आई, और आज सुबह ट्रेडिंग में 13-15% और उछाल देखा गया।
वर्तमान स्थिति (9 मार्च 2026)
ब्रेंट क्रूड: $105.89 (14%+ ऊपर)
WTI क्रूड: $102.88-103 (13%+ ऊपर)
कुछ समय के लिए कीमतें $114-120 तक स्पाइक कर गईं, लेकिन बाद में थोड़ी गिरावट आई।
वैश्विक प्रभाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “शॉर्ट टर्म” बताया और कहा कि ईरान के न्यूक्लियर खतरे के खत्म होने पर कीमतें तेजी से गिरेंगी।
विश्लेषकों का अनुमान: अगर संघर्ष लंबा चला और होर्मुज पूरी तरह बंद रहा, तो कीमतें $130-150 तक भी जा सकती हैं।
भारत जैसे आयातक देशों में पेट्रोल-डीजल, LPG और महंगाई पर सीधा असर पड़ेगा।
यह उछाल 2022 के रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद सबसे बड़ा है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नया दबाव डाल रहा है। बाजार अभी भी अस्थिर है—कोई भी नया हमला या डिप्लोमेटिक ब्रेकथ्रू कीमतों को और प्रभावित कर सकता है।
