राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला: “मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव में देश के डेटा और किसानों के हितों से किया समझौता”
राहुल गांधी का केंद्र पर तीखा हमला: “मोदी सरकार ने अमेरिकी दबाव में देश के डेटा और किसानों के हितों से किया समझौता”
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को केरल के तिरुवनंतपुरम में आईटी पेशेवरों के साथ संवाद और यूडीएफ की ‘पुथुयुग यात्रा’ के समापन पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर भारत के सामरिक और आर्थिक हितों को अमेरिका के हाथों गिरवी रखने का गंभीर आरोप लगाया।
1. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर ‘विश्वासघात’ का आरोप
राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को देश के साथ बड़ा विश्वासघात करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में आकर भारत के कृषि, ऊर्जा और डेटा हितों के साथ समझौता किया है।
* डेटा सुरक्षा: राहुल के अनुसार, भारत का डेटा दुनिया में सबसे कीमती है, जिसे मोदी सरकार निजी व्यापार समझौतों के जरिए अमेरिका को सौंप रही है।
* किसानों पर संकट: समझौते के कारण अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजारों में आएंगे, जिससे कपास, फल, दालें और सोयाबीन उगाने वाले छोटे किसान तबाह हो जाएंगे।
* ऊर्जा नीति: उन्होंने आरोप लगाया कि भारत को अब रूस से तेल खरीदने के लिए भी अमेरिका की स्वीकृति लेनी पड़ रही है, जो देश की संप्रभुता पर चोट है।
2. आर्थिक नीतियों और चीन से मुकाबले पर विजन
आईटी पेशेवरों और उद्यमियों के साथ चर्चा में राहुल गांधी ने भारत की औद्योगिक क्षमता पर जोर दिया:
* उत्पादन बनाम उपभोग: उन्होंने कहा कि असली रोजगार उत्पादन (Manufacturing) से आता है, केवल उपभोग से नहीं। चीन का मुकाबला करने के लिए भारत को ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और शिपबिल्डिंग जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय ढांचा खड़ा करना होगा।
* GST की आलोचना: राहुल ने जीएसटी को “उत्पादन विरोधी” बताते हुए कहा कि इसने छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) की कमर तोड़ दी है।
* पायलट और उद्यमिता: एक व्यक्तिगत सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यदि वे राजनीति में न होते, तो एयरोस्पेस क्षेत्र में उद्यमी होते, क्योंकि विमानन उनके परिवार की परंपरा रही है।
3. केरल की राजनीति और ‘सांठगांठ’ का दावा
राहुल गांधी ने केरल की सत्ताधारी पार्टी सीपीएम और भाजपा के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया।
* उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्रीय एजेंसियां अन्य विपक्षी नेताओं पर तो कार्रवाई करती हैं, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री या उनके परिजनों के खिलाफ चुप क्यों हैं?
* उन्होंने तंज कसा कि जिस तरह मोदी ट्रंप के नियंत्रण में हैं, उसी तरह केरल के मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री मोदी के दबाव में काम कर रहे हैं।
4. यूडीएफ (UDF) की चुनावी गारंटियों की घोषणा
आगामी चुनावों के मद्देनजर राहुल गांधी ने केरल की जनता के लिए लोक-लुभावन वादों का पिटारा खोला:
* महिलाओं के लिए: बसों में मुफ्त यात्रा और कॉलेज छात्राओं को हर महीने 1,000 रुपये की वित्तीय मदद।
* पेंशन और बीमा: वेलफेयर पेंशन को बढ़ाकर 3,000 रुपये करना और ओमन चांडी के नाम पर 25 लाख रुपये की स्वास्थ्य बीमा योजना।
* युवाओं के लिए: अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण।
* बुजुर्गों के लिए: वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समर्पित मंत्रालय का गठन।
प्रमुख बिंदु: राहुल गांधी के भाषण के अंश
“गरीबों की सहायता को ‘रेवड़ी’ कहा जाता है, लेकिन बड़े उद्योगपतियों की कर्ज माफी को ‘विकास’। देश में दो अलग-अलग मानदंड नहीं चल सकते।”
“प्रधानमंत्री मोदी ‘कम्प्रोमाइज्ड’ हैं। ट्रंप और अडानी का डर उन्हें स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने से रोक रहा है।”
इस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल, शशि थरूर, सचिन पायलट और रमेश चेन्निथला सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
