राजनीति

कांग्रेस ने लोकसभा सांसदों को तीन-लाइन व्हिप जारी किया: 9-11 मार्च तक सदन में अनिवार्य उपस्थिति, ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर बहस संभव

कांग्रेस ने लोकसभा सांसदों को तीन-लाइन व्हिप जारी किया: 9-11 मार्च तक सदन में अनिवार्य उपस्थिति, ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर बहस संभव

नई दिल्ली: लोकसभा में नया हंगामा होने वाला है! कांग्रेस ने अपने सभी लोकसभा सांसदों के लिए तीन-लाइन व्हिप (सबसे सख्त निर्देश) जारी कर दिया है। पार्टी के चीफ व्हिप के. सुरेश ने नोटिस में साफ कहा है कि 9 मार्च से 11 मार्च 2026 तक सभी कांग्रेस सांसदों को सदन में मौजूद रहना अनिवार्य है और पार्टी लाइन पर वोट करना होगा।

यह व्हिप लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ हटाने के प्रस्ताव (removal motion) पर बहस और वोटिंग के मद्देनजर जारी किया गया है। विपक्ष (कांग्रेस सहित INDIA गठबंधन के कई दल) ने पिछले महीने 118 सांसदों के हस्ताक्षर से स्पीकर के खिलाफ नोटिस दिया था। आरोप है कि बिरला “खुलकर भेदभाव” कर रहे हैं – विपक्षी सांसदों को बोलने का मौका नहीं देना, गलवान मुद्दे पर चर्चा रोकना, और विरोध प्रदर्शन पर सांसदों को सस्पेंड करना।

मुख्य बातें:

बजट सत्र का दूसरा चरण: 9 मार्च से शुरू होगा और 2 अप्रैल तक चलेगा। पहले तीन दिन (9-11 मार्च) में स्पीकर हटाने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श या बहस हो सकती है।

संवैधानिक प्रावधान:

अनुच्छेद 94: लोकसभा स्पीकर या डिप्टी स्पीकर को हटाने का प्रावधान।

अनुच्छेद 94(सी): हटाने के लिए एक विशेष प्रस्ताव लाना होगा, जो सभी मौजूदा सदस्यों के साधारण बहुमत (simple majority) से पास होना चाहिए।

अनुच्छेद 96: स्पीकर को सदन में अपना बचाव करने का अधिकार।

प्रक्रिया: प्रस्ताव पास होने पर स्पीकर तुरंत पद से हट जाते हैं। यह अविश्वास प्रस्ताव (no-confidence motion against सरकार) से अलग है और केवल स्पीकर के पद से जुड़ा है।

बीजेपी का जवाब: बीजेपी ने भी अपने सांसदों के लिए 9-10 मार्च का व्हिप जारी किया है। पार्टी का कहना है कि यह विपक्ष की “राजनीतिक साजिश” है और स्पीकर पूरी तरह निष्पक्ष हैं।

संभावित परिणाम:

अगर प्रस्ताव पर बहस हुई तो सदन में जोरदार हंगामा और बहस होगी।

वर्तमान संख्या के हिसाब से (एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत) प्रस्ताव पास होने की संभावना बहुत कम है।

लेकिन यह मुद्दा संसद की कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है और बजट सत्र में और देरी हो सकती है।

कांग्रेस इसे “संसदीय लोकतंत्र और स्पीकर की निष्पक्षता” की लड़ाई बता रही है, जबकि सत्ता पक्ष इसे “विपक्ष का ड्रामा” कह रहा है। क्या ओम बिरला पर बहस होगी या सदन फिर से हंगामे में डूब जाएगा? अपडेट्स के लिए लोकसभा वेबसाइट, न्यूज चैनल या आधिकारिक सूत्र चेक करें।

क्या आपको लगता है स्पीकर पर प्रस्ताव पास हो सकता है? कमेंट में अपनी राय बताएं!

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