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धर्म बदलने से 60 दिन पहले देनी होगी जानकारी: महाराष्ट्र कैबिनेट ने ड्राफ्ट बिल को दी मंजूरी

धर्म बदलने से 60 दिन पहले देनी होगी जानकारी: महाराष्ट्र कैबिनेट ने ड्राफ्ट बिल को दी मंजूरी

मुंबई, 5 मार्च 2026: महाराष्ट्र सरकार ने धर्मांतरण को नियंत्रित करने के लिए एक नया कड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने आज धर्मांतरण निषेध विधेयक (Prohibition of Conversion Bill) के मसौदे को मंजूरी दे दी। इस ड्राफ्ट के तहत किसी भी व्यक्ति को धर्म परिवर्तन करने से कम से कम 60 दिन पहले सक्षम प्राधिकारी (जैसे जिला मजिस्ट्रेट) को लिखित सूचना देनी होगी और अनुमति लेनी अनिवार्य होगी।

एक आधिकारिक सूत्र के अनुसार, विधेयक के प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:

60 दिन की पूर्व सूचना: जो व्यक्ति स्वेच्छा से या अन्य कारणों से धर्म बदलना चाहता है, उसे 60 दिन पहले संबंधित प्राधिकरण को नोटिस देना होगा। इस दौरान प्रशासन जांच करेगा कि परिवर्तन में कोई जबरदस्ती, प्रलोभन, धोखा या अन्य गैरकानूनी तरीका तो नहीं है।

पंजीकरण अनिवार्य: धर्म परिवर्तन के बाद 25 दिनों के भीतर इसे प्राधिकारी के पास पंजीकृत कराना होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो परिवर्तन अमान्य माना जाएगा।

उद्देश्य: यह विधेयक जबरन, धोखे से या प्रलोभन से धर्मांतरण को रोकने के लिए लाया जा रहा है, खासकर विवाह या अन्य सामाजिक दबाव के माध्यम से होने वाले मामलों में।

महाराष्ट्र में यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कई राज्यों में पहले से ही ऐसे कानून लागू हैं, जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में एंटी-कन्वर्जन कानूनों में 60 दिन की नोटिस की व्यवस्था है। महाराष्ट्र सरकार का दावा है कि यह विधेयक संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करते हुए धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करेगा, लेकिन जबरदस्ती या फर्जीवाड़े को रोकेगा।

विपक्षी दलों ने इस ड्राफ्ट पर आपत्ति जताई है और इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है। वे कहते हैं कि यह धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बना सकता है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि स्वेच्छा से होने वाले परिवर्तन पर रोक नहीं है, बस प्रक्रिया पारदर्शी और जांच के दायरे में होगी।

यह बिल जल्द ही विधानसभा में पेश किया जा सकता है। यदि पारित होता है, तो महाराष्ट्र उन राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां धर्म परिवर्तन के लिए पूर्व अनुमति और सूचना अनिवार्य है। इससे राज्य में ‘लव जिहाद’ या जबरन कन्वर्जन की घटनाओं पर लगाम लगाने की उम्मीद जताई जा रही है।

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