उत्तराखंड

गैरसैंण विधानसभा पर 55 लाख का बिजली बिल बकाया? खबर निकली अफवाह! ऊर्जा निगम ने किया साफ खंडन, कहा- हर महीने समय पर जमा होते हैं बिल

गैरसैंण विधानसभा पर 55 लाख का बिजली बिल बकाया? खबर निकली अफवाह! ऊर्जा निगम ने किया साफ खंडन, कहा- हर महीने समय पर जमा होते हैं बिल

3 मार्च 2026: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आगामी 9 से 13 मार्च तक प्रस्तावित बजट सत्र की तैयारियां जोरों पर हैं। लेकिन इससे ठीक पहले सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में विधानसभा पर 55 लाख रुपये के बिजली बिल बकाया होने की खबरें वायरल हो गईं। खबर के बाद प्रदेश भर में लोग सरकार की खिंचाई करने लगे – “बजट सत्र में भी बिजली कट जाएगी?” से लेकर “जनता का पैसा कहां जा रहा है?” तक कमेंट्स और मीम्स छा गए। कई राजनीतिक दलों ने भी इसे सरकार की लापरवाही बताकर निशाना साधा।

लेकिन अब मामले की हकीकत सामने आ गई है – विधानसभा पर कोई भी बिजली बिल बकाया नहीं है! यह पूरी खबर अफवाह और भ्रामक साबित हुई है।

ऊर्जा निगम का आधिकारिक बयान

ऊर्जा निगम खंड गैरसैंण के अधीक्षण अभियंता शैलेंद्र बिष्ट ने स्पष्ट किया:

विधानसभा का बिजली बिल हर महीने बनता है।

औसतन 3 से 4 लाख रुपये के बीच का बिल विधानसभा कार्यालय द्वारा तय समय पर जमा कर दिया जाता है।

वर्तमान में कोई भी बिल देय नहीं है – बकाया शून्य।

विधानसभा परिसर में सोलर सिस्टम भी लग चुका है, जिससे आने वाले महीनों में बिजली खपत और बिल की राशि और कम हो जाएगी।

विधानसभा प्रभारी का पलटवार

विधानसभा भराड़ीसैंण प्रभारी शेखर पंत ने भी सोशल मीडिया और मीडिया में चल रही खबरों को सरासर अफवाह बताया। उन्होंने कहा:

विधानसभा का बिल मासिक आधार पर नियमित रूप से जमा किया जाता है।

अगर कोई बकाया रहता तो विद्युत विभाग एनओसी नहीं देता, और एनओसी मिलने के बाद ही सोलर प्लांट लगाया गया।

यह अफवाहें बजट सत्र से ठीक पहले फैलाई जा रही हैं, जो गलत सूचना फैलाने का प्रयास लगती हैं।

बैकग्राउंड और सियासी बवाल

गैरसैंण में बजट सत्र साल में सिर्फ कुछ दिनों के लिए होता है, लेकिन इस बार भी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।

पहले कुछ रिपोर्ट्स में बकाया बिल की बात आई, जिससे सोशल मीडिया पर मीम्स और तंज छा गए – कुछ ने इसे “धड़ाम धामी सरकार का कर्ज जिहाद” तक कहा।

लेकिन आधिकारिक खंडन के बाद साफ है कि विधानसभा की बिजली व्यवस्था पूरी तरह नियमित है।

अब बजट सत्र 9 मार्च से बिना किसी बिजली संकट के शुरू होगा। अफवाहों से सावधान रहें – हकीकत जांच के बाद ही फैलाएं! क्या आपको लगता है ऐसी अफवाहें जानबूझकर फैलाई जाती हैं?

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