‘जहां होना था ईरान के नए सुप्रीम लीडर का चुनाव, इजरायल ने उस बिल्डिंग को ही उड़ा दिया’ – युद्ध में नया मोड़!
‘जहां होना था ईरान के नए सुप्रीम लीडर का चुनाव, इजरायल ने उस बिल्डिंग को ही उड़ा दिया’ – युद्ध में नया मोड़!
3 मार्च 2026: अमेरिका-इज़राइल-ईरान युद्ध अब और भी खतरनाक मोड़ ले चुका है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद नए लीडर का चुनाव करने वाली संस्था ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ की बिल्डिंग पर इज़राइल और अमेरिका ने जोरदार हमला कर दिया। ईरानी मीडिया के मुताबिक, यह हमला क़ोम शहर (तेहरान के दक्षिण में) में हुआ, जहां असेंबली की मीटिंग होनी थी। इज़राइल का दावा है कि यह स्ट्राइक नए लीडर की नियुक्ति को बाधित करने के लिए था – एक तरह से ईरान की लीडरशिप को पूरी तरह पंगु बनाने की कोशिश!
क्या हुआ हमले में?
हमला मंगलवार (3 मार्च) को हुआ, जब इज़राइली एयर फोर्स ने क़ोम की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स बिल्डिंग पर मिसाइल दागी। यह बिल्डिंग पुरानी संसद की थी, जो अब असेंबली के लिए इस्तेमाल होती है।
ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम ने कहा: “अमेरिकी-यहूदी अपराधियों ने क़ोम में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स की बिल्डिंग पर हमला किया।” हमले में बिल्डिंग को भारी नुकसान पहुंचा, लेकिन मौतों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं।
इज़राइली डिफेंस ऑफिशियल ने कहा कि यह स्ट्राइक नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति को रोकने के लिए थी। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ही नए लीडर चुनती है, और खामेनेई की मौत के बाद अंतरिम कमिटी बना दी गई थी।
युद्ध का बैकग्राउंड
28 फरवरी को US-इज़राइल के जॉइंट ऑपरेशन में खामेनेई मारे गए थे। ट्रंप ने इसे ‘बड़ा हिट’ बताया था।
उसके बाद ईरान ने गल्फ स्टेट्स पर मिसाइल दागे, और अब यह हमला लीडरशिप वैक्यूम को और गहरा कर रहा है।
मौतों का आंकड़ा अब 1000 के करीब पहुंच रहा है, और लेबनान में भी इज़राइल-हिजबुल्लाह क्लैश बढ़ गए हैं – टायर शहर में एक बिल्डिंग ढह गई।
यह हमला ईरान की पावर स्ट्रक्चर को सीधा निशाना बना रहा है। क्या इससे युद्ध और लंबा खिंचेगा, या कोई समाधान निकलेगा? दुनिया की नजरें अब UN और अन्य देशों पर हैं। आप क्या सोचते हैं – यह स्ट्राइक जायज है या वार क्राइम? कमेंट में बताएं!
