ईरान तनाव से बाजार में भूचाल: भारतीय निवेशकों के ₹6-8 लाख करोड़ डूबे, सोना-चांदी-क्रूड में तेज उछाल
ईरान तनाव से बाजार में भूचाल: भारतीय निवेशकों के ₹6-8 लाख करोड़ डूबे, सोना-चांदी-क्रूड में तेज उछाल
ईरान-इजराइल (और अमेरिका) के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने सोमवार (2 मार्च 2026) को वैश्विक और भारतीय शेयर बाजारों को हिला दिया। US-इजराइल के हमलों से ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद तेहरान की जवाबी कार्रवाई ने मिडिल ईस्ट में युद्ध की आशंका बढ़ा दी, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण रूट पर तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है।
भारतीय बाजार में सेंसेक्स 1,000+ अंक (करीब 1.3%) टूटकर 80,238 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 313 अंक गिरकर 24,866 के स्तर पर आ गया। इंट्राडे में गिरावट और भी गहरी थी—सेंसेक्स 2,700+ अंक और निफ्टी 500+ अंक तक लुढ़का। इससे निवेशकों की कुल संपत्ति में ₹6.5 से ₹8 लाख करोड़ तक की भारी क्षति हुई (कुछ रिपोर्ट्स में शुरुआती अनुमान ₹18 लाख करोड़ तक का भी जिक्र, लेकिन अंतिम आंकड़े कम रहे)। ऑटो, बैंकिंग, IT और FMCG सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए, जबकि डिफेंस स्टॉक्स (HAL, BEL) में उछाल देखा गया।
कमोडिटी में उलटा असर:
क्रूड ऑयल: ब्रेंट क्रूड 8-10% उछलकर $78-82 प्रति बैरल के आसपास पहुंचा (मल्टी-मंथ हाई), MCX पर भी ₹500+ की तेजी।
सोना-चांदी: सुरक्षित निवेश की मांग से सोना 2-5% महंगा, नए रिकॉर्ड हाई की ओर। चांदी में भी भारी उछाल। निवेशक इक्विटी से निकलकर गोल्ड/सिल्वर में शिफ्ट हो रहे हैं।
रुपया: डॉलर के मुकाबले कमजोर, ₹91 के पार।
भारत पर असर:
भारत 85-90% कच्चा तेल आयात करता है, और होर्मुज स्ट्रेट से 40%+ सप्लाई आती है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ेगी, करेंट अकाउंट डेफिसिट फैलेगा, और रुपये पर दबाव बनेगा। एक्सपोर्ट (विशेषकर डायमंड, टेक्सटाइल) भी प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव लंबा चला तो क्रूड $90-100 तक जा सकता है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका होगा।
मार्केट एक्सपर्ट्स सलाह दे रहे हैं कि शॉर्ट टर्म में सतर्क रहें, लेकिन लॉन्ग टर्म में यह खरीदारी का मौका भी हो सकता है। वैश्विक बाजारों में भी इसी तरह की गिरावट देखी गई। स्थिति पर नजर रखें—कूटनीतिक प्रयासों से राहत मिल सकती है, वरना अस्थिरता बनी रहेगी।
