ईरान का बड़ा दावा: ‘हमारी परमाणु साइट पर अमेरिका-इजरायल ने हमला किया’, IAEA ने कहा कोई संकेत नहीं!
ईरान-इजरायल-अमेरिका जंग में नया ट्विस्ट—ईरान का बड़ा दावा: ‘हमारी परमाणु साइट पर अमेरिका-इजरायल ने हमला किया’, IAEA ने कहा कोई संकेत नहीं!
तेहरान: ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग के तीसरे दिन ईरान ने एक बहुत बड़ा आरोप लगाया है। ईरान के अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) में राजदूत रेजा नजाफी ने वियना में IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की मीटिंग के बाहर पत्रकारों से कहा कि रविवार को अमेरिका और इजरायल ने ईरान की ‘शांतिपूर्ण और सुरक्षित’ परमाणु सुविधाओं पर हमला किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से नतांज (Natanz) न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स का नाम लिया, जो ईरान का सबसे बड़ा यूरेनियम संवर्धन केंद्र है।
नजाफी ने कहा, “फिर से उन्होंने कल ईरान की शांतिपूर्ण, संरक्षित परमाणु सुविधाओं पर हमला किया।” उन्होंने इसे “आतंकवादी हमला” बताया और IAEA से तत्काल जांच की मांग की। ईरान का दावा है कि यह हमला उसके परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाने का हिस्सा है, जबकि जंग पहले से ही 555+ मौतों (ईरानी दावे) और सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के साथ चरम पर है।
IAEA का जवाब क्या?
IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रोसी ने बोर्ड मीटिंग में स्पष्ट कहा कि उनके पास कोई संकेत या जानकारी नहीं है कि अमेरिका-इजरायल के हमलों से ईरान की किसी भी न्यूक्लियर सुविधा को नुकसान पहुंचा हो। ग्रोसी ने कहा, “हमारे पास कोई इंडिकेशन नहीं है कि न्यूक्लियर इंस्टॉलेशंस को हिट किया गया या डैमेज हुआ।” IAEA ने ईरान से भी पूरी जानकारी मांगी है और रेडिएशन लेवल्स पर नजर रखी जा रही है—फिलहाल कोई रेडिएशन लीक या अलर्ट नहीं।
क्यों महत्वपूर्ण है नतांज?
नतांज ईरान का मुख्य यूरेनियम संवर्धन प्लांट है, जहां हजारों सेंट्रीफ्यूज काम करते हैं।
यह पहले भी 2021 और 2025 में इजरायल के संदिग्ध साइबर/एयर अटैक्स का शिकार रहा है।
अगर दावा सही है तो यह जंग को न्यूक्लियर लेवल पर ले जा सकता है, लेकिन IAEA की रिपोर्ट से विरोधाभास है।
अमेरिका और इजरायल ने अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। ट्रंप ने कहा कि ऑपरेशन जारी रहेगा जब तक “सभी उद्देश्य” पूरे नहीं होते—जिसमें ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम खत्म करना शामिल है। ईरान ने बदले में गल्फ देशों, इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल-ड्रोन अटैक्स तेज कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह बयान प्रोपगैंडा भी हो सकता है या IAEA पर दबाव बनाने के लिए—लेकिन अगर साबित हुआ तो वैश्विक तनाव और बढ़ेगा। IAEA ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। जंग का यह मोड़ दुनिया भर में चिंता का विषय बना हुआ है—क्या न्यूक्लियर खतरा असली है या सिर्फ आरोप? स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
