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अमेरिका का बड़ा हमला: B-2 स्टील्थ बॉम्बर से ईरान पर दर्जनों 2000 किलो बम गिराए

नई दिल्ली: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत एक और बड़ा हमला किया है। अमेरिकी वायुसेना के चार B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर ने लंबी दूरी की उड़ान भरकर ईरान के भूमिगत बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर दर्जनों 2000 पाउंड (लगभग 907 किलो) वजनी घुसपैठ करने वाले बम गिराए। यह हमला 1 मार्च 2026 की रात को हुआ, जिसमें अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि बॉम्बर अमेरिका से राउंड ट्रिप उड़ान भरकर सुरक्षित लौट आए।

अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने फॉक्स न्यूज को बताया कि चार B-2 बॉम्बर ने ईरान के अंडरग्राउंड मिसाइल साइट्स पर हमला किया, जहां मिसाइल लॉन्चर गुफाओं और सुरंगों में छिपे थे। इन बमों का इस्तेमाल ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को कमजोर करने के लिए किया गया, जो इजरायल और अमेरिकी हितों के लिए खतरा बने हुए हैं। B-2 बॉम्बर की क्षमता 18,000 किलो तक हथियार ले जाने की है, और ये रडार से लगभग अदृश्य रहते हैं।

यह हमला अमेरिका-इजरायल संयुक्त अभियान का हिस्सा है, जो फरवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ। इससे पहले जून 2025 में ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत B-2 बॉम्बरों ने ईरान के परमाणु ठिकानों (फोर्डो, नतांज और इस्फहान) पर 30,000 पाउंड के GBU-57 MOP बंकर-बस्टर बम गिराए थे। वर्तमान हमले में 2000 पाउंड क्लास के JDAM या समान पेनेट्रेटर बमों का इस्तेमाल हुआ, जो गहरे भूमिगत ठिकानों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

ईरान ने इन हमलों का जवाब देने की कसम खाई है, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि अभियान में अब तक तीन अमेरिकी सैनिक शहीद हो चुके हैं और पांच घायल हुए हैं। क्षेत्रीय तनाव चरम पर है, और ईरान ने इजरायल तथा अमेरिकी सहयोगी देशों पर जवाबी हमले तेज करने की धमकी दी है।

पेंटागन ने अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि ये हमले ईरान की मिसाइल ताकत को बुरी तरह प्रभावित करेंगे। क्या यह संघर्ष और बड़ा युद्ध में बदल जाएगा? मध्य पूर्व की स्थिति पर दुनिया की नजर टिकी हुई है।

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