पश्चिम बंगाल में BJP का 5,000 किमी का मेगा शक्ति प्रदर्शन: क्या बदलेगी राजनीतिक हवा?
पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियां तेज हो गई हैं और भाजपा ने राज्य में अपनी ताकत दिखाने के लिए एक मेगा अभियान शुरू किया है। पार्टी ने ‘बंगाल विजय यात्रा’ नाम से 5,000 किलोमीटर लंबी पदयात्रा और रैली का आयोजन किया, जो कोलकाता से शुरू होकर राज्य के सभी जिलों से गुजरते हुए मालदा तक जाएगी। इस यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और राज्य इकाई के नेता सुवेंदु अधिकारी जैसे दिग्गज शामिल हो रहे हैं।
यात्रा की शुरुआत आज (1 मार्च 2026) को कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल से हुई, जहां हजारों कार्यकर्ताओं ने ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। भाजपा का दावा है कि यह यात्रा राज्य की 42 लोकसभा सीटों पर फोकस करेगी और टीएमसी सरकार की कथित भ्रष्टाचार, हिंसा और विकास की कमी पर हमला बोलेगी। यात्रा के दौरान रोड शो, जनसभाएं और डोर-टू-डोर कैंपेन होंगे, जिसमें महिलाओं की सुरक्षा, रोजगार और किसानों के मुद्दों पर जोर दिया जाएगा।
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “यह यात्रा बंगाल की जनता को जागरूक करने का माध्यम है। ममता बनर्जी की सरकार ने राज्य को लूटा है, अब समय आ गया है कि सियासी हवा बदले। हम 2026 में 30+ सीटें जीतकर केंद्र में मोदी जी को और मजबूत बनाएंगे।” वहीं, अमित शाह ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि यात्रा से टीएमसी की जड़ें हिल जाएंगी।
क्या बदलेगी सियासी हवा?
पश्चिम बंगाल में टीएमसी का दबदबा रहा है, लेकिन 2021 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 77 सीटें जीतकर अपनी ताकत दिखाई थी। हालिया सर्वे (ABP-C Voter) में भाजपा को 2026 में 25-30 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि टीएमसी 10-15 पर सिमट सकती है। हालांकि, टीएमसी ने इस यात्रा को ‘फ्लॉप शो’ बताया है। ममता बनर्जी ने कहा, “भाजपा बंगाल में बाहरी है, यहां की मिट्टी उन्हें स्वीकार नहीं करेगी।”
यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं, लेकिन विपक्षी दलों ने हिंसा की आशंका जताई है। क्या यह शक्ति प्रदर्शन बंगाल की राजनीति में तूफान लाएगा? आने वाले महीने बताएंगे!
