खामेनेई की मौत पर यूपी के अमेठी जिले में 40 दिन का शोक: शिया समुदाय ने काम-काज ठप किया, सड़कों पर उतरा आक्रोश
खामेनेई की मौत पर यूपी के अमेठी जिले में 40 दिन का शोक: शिया समुदाय ने काम-काज ठप किया, सड़कों पर उतरा आक्रोश
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इजराइल हमलों में मौत की खबर ने उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में गहरा शोक और आक्रोश पैदा कर दिया है। शिया समुदाय ने यहां 40 दिनों का आधिकारिक शोक घोषित किया है, जिसके चलते जिले के कई इलाकों में दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और दैनिक काम-काज पूरी तरह ठप हो गए हैं।
शिया धर्मगुरु मौलाना जिशान हैदर अली ने समुदाय की ओर से 40 दिनों के शोक का पैगाम जारी किया। उन्होंने कहा कि खामेनेई न केवल ईरान के नेता थे, बल्कि पूरी शिया उम्माह के लिए धार्मिक प्रतीक थे। उनकी मौत को “शहादत” बताते हुए समुदाय ने मातम मनाने और विरोध जताने का फैसला लिया। अमेठी में सड़कों पर हजारों लोग निकले, जहां काले झंडे, पोस्टर और ईरानी झंडे लहराए जा रहे हैं। कई जगहों पर विशेष मजलिस और मातम सभाएं हो रही हैं।
समुदाय के लोगों ने दुकानें बंद रखीं, बाजार ठप हैं और दैनिक जीवन प्रभावित हुआ है। यह शोक ईरान में घोषित 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक के साथ तालमेल बिठाकर मनाया जा रहा है, जहां भी 7 दिनों की सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई है।
अमेठी में शिया बहुल इलाकों (जैसे अमेठी शहर, गौरा, जगदीशपुर आदि) में स्थिति शांत लेकिन भावुक है। पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। अन्य यूपी जिलों जैसे लखनऊ में भी शिया समुदाय ने 3 दिनों का शोक मनाया है, लेकिन अमेठी में यह सबसे लंबा और प्रभावी है।
ईरान-इजराइल युद्ध के बीच भारत में शिया समुदाय का यह प्रतिक्रिया वैश्विक एकजुटता दिखाता है। सभी पक्षों से शांति की अपील जारी है।
