कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हिंसक हमला: ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद 8-10 प्रदर्शनकारी मारे गए
कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हिंसक हमला: ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद 8-10 प्रदर्शनकारी मारे गए
कराची, 1 मार्च 2026: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची शहर में भारी गुस्सा भड़क उठा। सैकड़ों प्रदर्शनकारी, ज्यादातर शिया समुदाय से जुड़े, अमेरिकी वाणिज्य दूतावास (US Consulate) के बाहर जमा हो गए और परिसर में घुसने की कोशिश की।
प्रदर्शनकारियों ने दूतावास की खिड़कियां तोड़ीं, बैरिकेड्स हटाए और कुछ हिस्सों में आग लगा दी। अमेरिका विरोधी नारे लगाते हुए भीड़ उग्र हो गई। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दूतावास की सुरक्षा में तैनात अमेरिकी कर्मियों या मिलिट्री गार्ड्स ने भीड़ को रोकने के लिए फायरिंग की, जिसमें कम से कम 8 से 10 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 20 से ज्यादा घायल हुए। ज्यादातर मौतें गोली लगने से हुईं, जैसा कि एधी फाउंडेशन के प्रवक्ता मुहम्मद अमीन ने बताया।
पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्सेस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए भारी बल इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दूतावास के बाहर जलती गाड़ियां और धुआं उठता दिख रहा है। यह घटना ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के खिलाफ पूरे क्षेत्र में फैले विरोध का हिस्सा है, जो अब पाकिस्तान तक पहुंच गया है।
स्थानीय प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति को नियंत्रित करने का दावा किया जा रहा है। अमेरिकी दूतावास की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह घटना मध्य पूर्व में जारी तनाव को और भड़का सकती है।
