रिंकू सिंह टीम इंडिया से जुड़ने से पहले हुए भावुक, रिश्तेदारों से कहा- ‘मां का ख्याल रखना’; पिता के अंतिम संस्कार के बाद कोलकाता रवाना
रिंकू सिंह टीम इंडिया से जुड़ने से पहले हुए भावुक, रिश्तेदारों से कहा- ‘मां का ख्याल रखना’; पिता के अंतिम संस्कार के बाद कोलकाता रवाना
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार फिनिशर रिंकू सिंह ने एक बार फिर अपनी भावुकता और परिवार के प्रति समर्पण दिखाया है। पिता खानचंद्र सिंह के निधन और अंतिम संस्कार के बाद शनिवार (28 फरवरी 2026) को रिंकू अलीगढ़ से कोलकाता के लिए रवाना हुए, जहां वे T20 विश्व कप 2026 में वेस्टइंडीज के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले से पहले टीम इंडिया से जुड़ेंगे।
रवाना होने से पहले घर के बाहर सांत्वना देने आए रिश्तेदारों से बातचीत में रिंकू काफी भावुक नजर आए। उन्होंने आंसू भरी आंखों से कहा, “मां का ख्याल रखना… अब उनकी बहुत देखभाल की जरूरत है।” रिंकू की मां बीना सिंह पति के निधन से गहरे सदमे में हैं। रिश्तेदारों ने बताया कि रिंकू को अब मां की चिंता सबसे ज्यादा सता रही है, क्योंकि पिता के जाने के बाद परिवार की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
पृष्ठभूमि और भावुक पल
रिंकू के पिता खानचंद सिंह पिछले तीन साल से स्टेज-4 लीवर कैंसर से जूझ रहे थे। वे नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर थे।
27 फरवरी 2026 की सुबह उनका निधन हो गया। रिंकू T20 विश्व कप के बीच में अचानक घर लौटे, पिता की अर्थी उठाई और अंतिम संस्कार किया।
पिता के आखिरी शब्द रिंकू को याद हैं: “तेरे जैसा बेटा हर बाप को मिले, तू मैच खेल, मैं हॉस्पिटल से दुआ करूंगा।”
अंतिम संस्कार के दौरान रिंकू भावुक होकर रो पड़े। भाई ने अस्थियां विसर्जित कीं।
रिंकू ने दोपहर बाद अलीगढ़ से रवाना होकर शाम 5 बजे की फ्लाइट से कोलकाता पहुंचकर टीम के बायो-बबल में शामिल होंगे।
परिवार और शादी की बात
रिंकू की शादी मछली शहर की सांसद प्रिया सरोज से कुछ महीनों में तय है। पिता का सपना था कि वे बेटे को दूल्हा बनते देखें, लेकिन यह अधूरा रह गया। प्रिया सरोज ने भी सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया और परिवार के साथ दुख में शामिल हुईं।
टीम इंडिया और फैंस का साथ
BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने रिंकू के साथ संपर्क बनाए रखा और उन्हें परिवार के साथ समय देने की छूट दी। फैंस और क्रिकेट जगत रिंकू के इस दुख में उनके साथ खड़े हैं। कई पूर्व खिलाड़ी और फैंस ने सोशल मीडिया पर लिखा: “क्रिकेट से बड़ा परिवार है, रिंकू मजबूत रहो।”
रिंकू सिंह का यह सफर मेहनत, संघर्ष और परिवार के प्रति प्यार की मिसाल है। अब वे मैदान पर उतरेंगे तो पिता की दुआएं और मां की उम्मीदें उनके साथ होंगी। क्या रिंकू इस दुख को ताकत बनाकर विश्व कप में कमाल दिखाएंगे? पूरा देश उनके साथ है!
