उत्तराखंड

हरिद्वार: उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में ‘मुन्नाभाइयों’ का बड़ा भंडाफोड़, 4 युवतियों समेत 7 गिरफ्तार

हरिद्वार: उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में ‘मुन्नाभाइयों’ का बड़ा भंडाफोड़, 4 युवतियों समेत 7 गिरफ्तार

हरिद्वार: उत्तराखंड में जारी बोर्ड परीक्षाओं के बीच हरिद्वार जनपद से शिक्षा व्यवस्था और शुचिता को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) सलेमपुर में हाईस्कूल की हिंदी परीक्षा के दौरान पुलिस और शिक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए एक संगठित फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। यहाँ असली परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा दे रहे 7 ‘मुन्नाभाइयों’ (3 युवक और 4 युवतियां) को रंगे हाथों पकड़ा गया है।

घटना का क्रम: कैसे खुली पोल?

यह पूरा मामला 24 फरवरी का है। सलेमपुर स्थित परीक्षा केंद्र पर हाईस्कूल के हिंदी विषय का प्रश्नपत्र चल रहा था। इस केंद्र पर सावित्री शिक्षा सदन, रावली महदूद के कई संस्थागत और व्यक्तिगत (Private) छात्र परीक्षा दे रहे थे।

* संदेह की शुरुआत: परीक्षा हॉल में तैनात कक्ष निरीक्षकों (Invigilators) को कुछ परीक्षार्थियों के चेहरे उनके प्रवेश पत्र (Admit Card) पर लगी तस्वीरों से मेल खाते हुए नहीं लगे।

* बारीकी से जांच: संदेह होने पर जब प्रवेश पत्रों की गहनता से जांच की गई, तो पाया गया कि एडमिट कार्ड पर असली परीक्षार्थी की फोटो हटाकर आरोपियों ने अपनी फोटो चस्पा कर दी थी।

* पूछताछ में खुलासा: अधिकारियों द्वारा सख्ती से की गई पूछताछ में इन युवक-युवतियों ने स्वीकार किया कि वे मूल अभ्यर्थियों के स्थान पर पैसे लेकर या अन्य कारणों से परीक्षा देने आए थे।

कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र द्विवेदी ने तत्काल पुलिस और उच्चाधिकारियों को सूचित किया।

* हिरासत: पुलिस ने मौके से 7 आरोपियों को हिरासत में लिया, जिनमें 4 युवतियां भी शामिल हैं। इनके पास से कूट रचित (फर्जी) प्रवेश पत्र बरामद किए गए हैं।

* फरार आरोपी: चेकिंग के दौरान मची अफरा-तफरी का फायदा उठाकर एक संदिग्ध आरोपी मौके से भागने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

* मुकदमा दर्ज: रानीपुर कोतवाली पुलिस ने प्रधानाचार्य की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

जाँच के दायरे में ‘संगठित गिरोह’

रानीपुर कोतवाली प्रभारी आशुतोष राणा के अनुसार, शुरुआती जांच में यह मामला किसी बड़े सुनियोजित गिरोह की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस अब निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच केंद्रित कर रही है:

* सिंडिकेट की भूमिका: क्या इन छात्रों को किसी कोचिंग सेंटर या बिचौलियों द्वारा पैसे के बदले परीक्षा देने के लिए भेजा गया था?

* मूल परीक्षार्थियों की तलाश: जिन छात्रों के स्थान पर ये आरोपी परीक्षा दे रहे थे, उनकी भूमिका और मिलीभगत की जांच की जा रही है।

* स्कूल प्रबंधन पर सवाल: सावित्री शिक्षा सदन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं ताकि पता चल सके कि फर्जीवाड़ा किस स्तर पर शुरू हुआ।

“यह गंभीर अपराध है। आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही फरार संदिग्ध की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी और अधिक कड़ी कर दी गई है: आशुतोष राणा, प्रभारी निरीक्षक, रानीपुर कोतवाली

परीक्षा केंद्रों पर हाई अलर्ट

इस घटना के बाद उत्तराखंड शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। हरिद्वार के अन्य संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर भी सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।

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