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NCERT की 8वीं कक्षा की किताब से न्यायपालिका के बारे में लिखा गया हिस्सा हटाया जाएगा: सूत्र

NCERT की 8वीं कक्षा की किताब से न्यायपालिका के बारे में लिखा गया हिस्सा हटाया जाएगा – सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर

NCERT की नई क्लास 8 सोशल साइंस किताब में ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ (Corruption in the Judiciary) वाले हिस्से पर भारी विवाद के बाद अब बड़ा अपडेट आया है। उच्च स्तरीय सरकारी सूत्रों ने बताया है कि “न्यायपालिका के विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार” का जिक्र करने वाला हिस्सा पूरी तरह हटा दिया जाएगा। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वतः संज्ञान (suo motu cognisance) लेने और चीफ जस्टिस सूर्यकांत की कड़ी टिप्पणियों के बाद लिया गया है।

क्या था विवाद का केंद्र?

NCERT ने हाल ही में रिलीज़ की गई क्लास 8 की नई सोशल साइंस किताब “Exploring Society: India and Beyond” में चैप्टर “The Role of the Judiciary in Our Society” के तहत पहली बार “Corruption in the Judiciary” नाम से अलग सेक्शन जोड़ा था।

इसमें लिखा था: “न्यायपालिका के विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार” एक बड़ी चुनौती है, साथ ही जजों की कमी, जटिल कानूनी प्रक्रियाएं, खराब इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से मैसिव बैकलॉग (लंबित मामले) – SC में ~81,000, हाई कोर्ट्स में ~62.4 लाख, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट्स में ~4.7 करोड़ मामले पेंडिंग।

किताब में जजों के कोड ऑफ कंडक्ट, इम्पीचमेंट प्रक्रिया और पूर्व CJI बी.आर. गवई की 2025 की टिप्पणी का भी जिक्र था कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और मिसकंडक्ट पब्लिक ट्रस्ट को नुकसान पहुंचाता है।

पुरानी किताबों में सिर्फ न्यायपालिका की संरचना, स्वतंत्रता और जस्टिस डिले का जिक्र था – भ्रष्टाचार का सीधा उल्लेख नहीं था।

सुप्रीम कोर्ट का रिएक्शन:

बुधवार (25 फरवरी) को CJI सूर्यकांत की बेंच ने इसे “गंभीर चिंता” का मामला बताया और कहा: “हम किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे। यह एक सोचा-समझा और गहरा षड्यंत्र (calculated and deep-rooted conspiracy) लगता है।”

सीनियर एडवोकेट्स कपिल सिब्बल, ए.एम. सिंहवी और मुकुल रोहतगी ने इसे “बहुत disturbing” बताया कि क्लास 8 के बच्चों को न्यायपालिका में भ्रष्टाचार पढ़ाया जा रहा है।

कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और कहा कि कानून अपना काम करेगा।

अब क्या होगा?

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, विवादित हिस्सा (corruption reference) हटाया जाएगा। किताब की बिक्री भी अस्थायी रूप से रोक दी गई है (कुछ रिपोर्ट्स में NCERT ऑफिस में भी उपलब्ध नहीं थी)।

NCERT ने अभी आधिकारिक बयान नहीं जारी किया, लेकिन बदलाव जल्द लागू होने की उम्मीद है।

यह NEP 2020 के तहत नए पाठ्यक्रम का हिस्सा था, जहां रियल-वर्ल्ड चैलेंजेस को शामिल करने की कोशिश की गई, लेकिन अब बैकलैश के बाद रिवाइज किया जा रहा है।

यह खबर शिक्षा और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए बड़ा ट्विस्ट है। फैंस और एक्सपर्ट्स सोशल मीडिया पर #NCERTRow और #JudiciaryCorruption ट्रेंड करा रहे हैं – आपको क्या लगता है, क्लास 8 में ऐसे टॉपिक्स पढ़ाने चाहिए या नहीं?

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