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हनुमान चालीसा बनाम नमाज: लखनऊ यूनिवर्सिटी गेट पर तनाव चरम पर, कई छात्र हिरासत में, पुलिस ने किया हस्तक्षेप

हनुमान चालीसा बनाम नमाज: लखनऊ यूनिवर्सिटी गेट पर तनाव चरम पर, कई छात्र हिरासत में, पुलिस ने किया हस्तक्षेप

लखनऊ, 24 फरवरी 2026: लखनऊ विश्वविद्यालय के लाल बारादरी परिसर में नमाज पढ़ने के विवाद ने अब हनुमान चालीसा पाठ की चुनौती ले ली है, जिससे कैंपस में भारी तनाव पैदा हो गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा मुगल कालीन लाल बारादरी इमारत (जिसमें मस्जिद है) के गेट को सुरक्षा कारणों से सील और बैरिकेडिंग करने के बाद छात्रों के दो गुट आमने-सामने आ गए। कई छात्रों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस ने भारी बल तैनात किया है।

घटना का विवरण:

लाल बारादरी में मुस्लिम छात्रों द्वारा वर्षों से नमाज पढ़ी जाती रही है, खासकर रमजान में। प्रशासन ने इमारत की जर्जर हालत (हाल ही में दीवार गिरने) का हवाला देकर गेट वेल्डिंग कर बंद कर दिया और निर्माण कार्य शुरू किया।

रविवार (22 फरवरी) को मुस्लिम छात्रों ने बाहर खुले में नमाज पढ़ी, जिसके दौरान NSUI, SCS और AISA जैसे संगठनों के हिंदू छात्रों ने ह्यूमन चेन बनाकर उनकी सुरक्षा की। यह वीडियो वायरल हो गया और “गंगा-जमुनी तहजीब” की मिसाल कहा गया।

लेकिन सोमवार (23 फरवरी) को स्थिति बिगड़ी। हिंदू संगठनों जैसे बजरंग दल और VHP के कार्यकर्ता और छात्रों ने नमाज के विरोध में हनुमान चालीसा पाठ का एलान किया। वे गेट नंबर 3 पर पहुंचे और नारे लगाए।

दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक हुई, बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की गई, निर्माण सामग्री फेंकी गई। पुलिस ने हस्तक्षेप कर कई छात्रों को हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया। कुछ रिपोर्ट्स में कुल 13 छात्रों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है।

हिंदू छात्रों का तर्क: पहले कैंपस में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा पढ़ा जाता था, लेकिन रोक लगा दी गई। अगर नमाज की इजाजत है तो हमें भी धार्मिक पाठ की अनुमति मिलनी चाहिए।

प्रशासन का पक्ष: इमारत ASI संरक्षित है और खतरे में है, इसलिए बंद किया गया। कोई धार्मिक भेदभाव नहीं, सिर्फ सुरक्षा।

विवाद अब सियासी रंग ले रहा है। AIMIM पर आरोप लगे हैं, जबकि विपक्ष इसे दमनकारी कार्रवाई बता रहा है। पुलिस ने कैंपस में PAC तैनात की है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन तनाव जारी है। यह घटना यूनिवर्सिटी में धार्मिक गतिविधियों की अनुमति पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। आगे की जांच और सुनवाई जारी है।

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