‘कुछ लोग भारत छोड़कर सिंगापुर और जापान की यात्रा पर निकल गए…’, CM योगी के विदेश दौरे पर अखिलेश यादव का तीखा तंज
‘कुछ लोग भारत छोड़कर सिंगापुर और जापान की यात्रा पर निकल गए…’, CM योगी के विदेश दौरे पर अखिलेश यादव का तीखा तंज
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर और जापान दौरे पर कटाक्ष किया। अखिलेश ने कहा कि “कुछ लोग भारत छोड़कर सिंगापुर और जापान की यात्रा पर निकल गए हैं”, और इसे ‘मनसुख-पर्यटन’ (मनोरंजन का पर्यटन) करार दिया। उन्होंने योगी को क्योटो भी जाने की सलाह दी ताकि वे देख सकें कि वाराणसी (काशी) क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया या उसकी विरासत कैसे बिगड़ी।
अखिलेश के मुख्य बयान:
चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर मीडिया से बात करते हुए अखिलेश ने योगी के दौरे को ‘मनसुख-पर्यटन’ बताया और कहा: “कुछ लोग भारत छोड़कर सिंगापुर और जापान की यात्रा पर निकल गए हैं।”
उन्होंने आगे तंज कसा: “जापान जा रहे हैं तो क्योटो भी चले जाइएगा… काशी क्योटो जैसा क्यों नहीं बन पाया? विरासत बचाने और शहरों को आगे बढ़ाने का सबक लेते आइएगा।”
अखिलेश ने योगी के भगवा वस्त्र और कान छिदवाने का भी जिक्र करते हुए कहा कि इससे कोई ‘योगी’ नहीं बन जाता।
साथ ही उन्होंने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर झूठा मुकदमा लगाने का आरोप लगाया और कहा कि यह दुख की बात है।
बैकग्राउंड:
योगी का दौरा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी 2026 से सिंगापुर और जापान के 4-दिवसीय दौरे पर हैं (23-24 फरवरी सिंगापुर, फिर जापान)।
उद्देश्य: यूपी को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए निवेश आकर्षित करना, उद्योगपतियों से मुलाकात, इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और कौशल विकास में निवेश।
सिंगापुर में पहले दिन ITE कॉलेज दौरा और कॉरपोरेट मीटिंग्स कीं।
यह योगी का कार्यकाल में दूसरा प्रमुख विदेश दौरा है (पहला 2017 में म्यांमार)।
राजनीतिक प्रतिक्रिया:
बीजेपी ने अखिलेश के बयानों को राजनीतिक सस्ता करार दिया और कहा कि योगी का दौरा विकास और निवेश के लिए है, न कि पर्यटन।
अखिलेश ने साथ ही डिप्टी सीएम को “100 विधायक लाओ, मुख्यमंत्री बन जाओ” का ऑफर भी दोहराया।
यह विवाद ऐसे समय में है जब यूपी में विपक्षी एकता और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रही हैं।
अखिलेश का यह तंज योगी के विदेश दौरे को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश दिखाता है, जबकि सरकार इसे आर्थिक लाभ से जोड़ रही है।
