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अमेरिका से जंग की आहट के बीच ईरान में बड़ा फेरबदल: सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अली लारिजानी को सौंपे प्रमुख अधिकार

अमेरिका से जंग की आहट के बीच ईरान में बड़ा फेरबदल: सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अली लारिजानी को सौंपे प्रमुख अधिकार, राष्ट्रपति पेजेशकियान को साइडलाइन किया

तेहरान/न्यूयॉर्क: ईरान में अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की आशंका के बीच सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने बड़ा राजनीतिक फेरबदल किया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 से खामेनेई ने अपने विश्वसनीय सहयोगी और वरिष्ठ सलाहकार अली लारिजानी (Ali Larijani) को देश की प्रमुख जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। लारिजानी, जो सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के सेक्रेटरी हैं, अब प्रभावी रूप से देश चला रहे हैं—घरेलू सुरक्षा, विरोध प्रदर्शनों पर काबू, अमेरिका के साथ न्यूक्लियर बातचीत और रूस-कतर-ओमान जैसे सहयोगियों से समन्वय तक।

मुख्य बदलाव और कारण:

लारिजानी को खामेनेई ने “राइट-हैंड मैन” बनाया है। वे राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान को साइडलाइन कर रहे हैं, जो अब औपचारिक भूमिका तक सीमित हैं।

यह फेरबदल जनवरी 2026 में शुरू हुआ, जब ईरान में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन (anti-government protests) चरम पर थे और अमेरिका-इजराइल से सैन्य हमले की धमकी बढ़ गई थी।

लारिजानी की जिम्मेदारियां:

विरोध प्रदर्शनों पर क्रैकडाउन (lethal force का इस्तेमाल)।

अमेरिका के साथ संवेदनशील न्यूक्लियर वार्ता का प्रबंधन।

रूस, कतर, ओमान जैसे सहयोगियों से संपर्क।

संभावित अमेरिकी हमले के दौरान देश को चलाने की योजना (wartime contingency plans)।

खामेनेई ने नेतृत्व की हत्या (assassination) की स्थिति में उत्तराधिकार की कई परतें (layered succession) बनाई हैं, ताकि अमेरिकी या इजराइली हमले में टॉप लीडरशिप खत्म होने पर भी शासन चलता रहे। लारिजानी और कुछ करीबी (जैसे मोहम्मद बागेर गालिबाफ) को इमरजेंसी कमांड में रखा गया है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ:

अली लारिजानी (67 वर्ष) पूर्व IRGC कमांडर, पूर्व संसद स्पीकर और खामेनेई के लंबे समय से विश्वसनीय हैं। 2025 में उन्हें SNSC सेक्रेटरी बनाया गया था।

ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर है: ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है, जबकि ईरान ने क्षेत्रीय युद्ध (regional war) की चेतावनी दी है।

खामेनेई ने हाल ही में कहा कि अमेरिका पर हमला क्षेत्रीय युद्ध भड़का सकता है, और ईरान के पास अमेरिकी विमानवाहक पोत को डुबोने की क्षमता है।

लारिजानी की भूमिका से ईरान की “सर्वाइवल स्ट्रैटेजी” मजबूत हो रही है—प्रोटेस्ट दबाना, न्यूक्लियर टॉक्स चलाना और युद्ध की तैयारी।

यह फेरबदल ईरान की आंतरिक और बाहरी चुनौतियों के बीच खामेनेई की रणनीति को दर्शाता है। अमेरिका के साथ न्यूक्लियर डील की कोशिश जारी है, लेकिन ईरान मिसाइल प्रोग्राम और प्रॉक्सी सपोर्ट पर कोई समझौता नहीं करने को तैयार है। स्थिति बहुत नाजुक है, और लारिजानी अब “दिन-प्रतिदिन के शासक” के रूप में उभर रहे हैं।

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