राज्यसभा सीट पर MVA में खिंचाई: उद्धव ठाकरे vs शरद पवार, किसे मिलेगी सीट?
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन के भीतर राज्यसभा की एक सीट को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-SP) के बीच सीट बंटवारे पर पेंच फंस गया है। यह सीट हाल ही में खाली हुई राज्यसभा सदस्य की इस्तीफे के बाद उपचुनाव के लिए है, और दोनों पार्टियां इसे अपने पाले में करने की जद्दोजहद में लगी हैं। कांग्रेस भी गठबंधन में है, लेकिन फिलहाल वह इस झगड़े से दूर नजर आ रही है।
सूत्रों के मुताबिक, MVA में सीटों का फॉर्मूला विधानसभा चुनावों के आधार पर तय होना था, लेकिन अब 2026 के राजनीतिक समीकरण बदल चुके हैं। शिवसेना (UBT) के पास विधानसभा में 20 विधायक हैं, जबकि NCP-SP के पास 15। कांग्रेस के 40 विधायकों के साथ MVA का कुल बल 75 है, जो राज्यसभा उपचुनाव जीतने के लिए पर्याप्त है। लेकिन सवाल यह है कि सीट किसे मिलेगी?
उद्धव गुट की दावेदारी:
उद्धव ठाकरे ने अपने करीबी नेता संजय राउत को राज्यसभा भेजने की योजना बनाई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि “शिवसेना ने MVA में सबसे ज्यादा त्याग किया है। 2024 लोकसभा चुनावों में हमने NCP को सीटें दीं, अब बारी हमारी है।” उद्धव गुट का तर्क है कि राज्यसभा में उनकी मौजूदा ताकत कम है, और यह सीट उन्हें मजबूत करेगी। उन्होंने हाल ही में मुंबई में एक मीटिंग में शरद पवार से सीधे बात की, लेकिन कोई सहमति नहीं बनी।
शरद पवार की रणनीति:
शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले या उनके करीबी नेता जितेंद्र आव्हाड को सीट देने की चर्चा है। NCP-SP के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “हमारी पार्टी ने पवार साहब के नेतृत्व में महाराष्ट्र की राजनीति को दिशा दी है। यह सीट हमारे लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि हम राज्यसभा में अपने एजेंडे (किसान, ग्रामीण विकास) को मजबूती से उठाना चाहते हैं।” पवार गुट का दावा है कि 2025 विधानसभा चुनावों में उनके प्रदर्शन के आधार पर सीट उन्हें मिलनी चाहिए।
कांग्रेस की भूमिका:
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, “हम गठबंधन धर्म निभाएंगे। लेकिन दोनों पार्टियों को आपस में सुलझाना चाहिए। अगर जरूरत पड़ी तो हम मध्यस्थता करेंगे।” सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस इस सीट पर दावा नहीं कर रही, लेकिन वह चाहती है कि MVA एकजुट रहे, क्योंकि 2027 विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।
समीकरण क्या बन रहा है?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंत में सीट शिवसेना (UBT) को मिल सकती है, क्योंकि उद्धव ठाकरे का गठबंधन में प्रभाव ज्यादा है। लेकिन अगर पवार गुट अड़ा रहा तो MVA में फूट पड़ सकती है। हाल ही में दिल्ली में MVA नेताओं की मीटिंग हुई थी, जहां सीट पर चर्चा हुई लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ। उपचुनाव की तारीख 15 मार्च 2026 बताई जा रही है, इसलिए जल्द समाधान जरूरी है।
यह विवाद MVA की एकता पर सवाल खड़े कर रहा है, जबकि भाजपा गठबंधन (महायुति) इसे मौके के रूप में देख रहा है। भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने तंज कसा, “MVA में सीटों की लड़ाई से साफ है कि वे सत्ता के लिए एकजुट हैं, जनता के लिए नहीं।”
