‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म को लेकर यादव समाज में भारी विरोध, संभल में FIR दर्ज
‘यादव जी की लव स्टोरी’ फिल्म को लेकर यादव समाज में भारी विरोध, संभल में FIR दर्ज
लखनऊ/संभल: उत्तर प्रदेश में जल्द रिलीज होने वाली फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ को लेकर यादव समाज और कई संगठनों में तीव्र विरोध देखने को मिल रहा है। 27 फरवरी 2026 को थिएटर में आने वाली इस फिल्म के खिलाफ संभल, प्रयागराज, फिरोजाबाद, मैनपुरी और अन्य जिलों में प्रदर्शन हो रहे हैं। विरोध का मुख्य कारण फिल्म का टाइटल और कथानक बताया जा रहा है, जिसमें यादव समाज की एक लड़की (सिंपल यादव) का इंटरफेथ रोमांस (मुस्लिम लड़के वसीम अख्तर के साथ) दिखाया गया है, जिसे समाज अपमानजनक और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाला मान रहा है।
फिल्म की कहानी के अनुसार, सिंपल यादव नाम की लड़की अपने पहले प्यार वसीम अख्तर से जुड़ी हुई है, लेकिन परिवार उसे अभिमन्यु यादव से शादी के लिए दबाव डालता है। विरोधियों का आरोप है कि यह ‘लव जिहाद’ जैसी थीम को बढ़ावा देती है और यादव समाज की बहन-बेटियों की छवि खराब करती है। कई प्रदर्शनकारियों ने पोस्टर जला दिए और फिल्म पर बैन की मांग की।
संभल जिले के धनारी थाने में यादव समाज के सदस्यों की शिकायत पर प्रोड्यूसर संदीप तोमर, डायरेक्टर अंकित भड़ाना, अभिनेत्री प्रगति तिवारी और अभिनेता विशाल मोहन के खिलाफ बीएनएस की धारा 353(2) के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि फिल्म समाज में नफरत फैला सकती है और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ सकती है। यादव समाज के संगठनों जैसे वीर अहीर सेना ने चेतावनी दी है कि फिल्म सिनेमाघरों में नहीं चलने दी जाएगी और पूरे प्रदेश में विरोध तेज किया जाएगा।
अभिनेत्री प्रगति तिवारी ने विरोध पर सफाई देते हुए कहा, “मेरा कोई इरादा किसी समाज को ठेस पहुंचाने का नहीं था। हमारी वीडियोज हमेशा पारिवारिक और कॉमेडी वाली रही हैं।” उन्होंने दावा किया कि फिल्म में किसी वर्ग पर टिप्पणी नहीं की गई है। हालांकि, विरोधियों का कहना है कि फिल्म में यादव समाज का कोई कलाकार नहीं है, फिर भी समाज का नाम इस्तेमाल कर अपमान किया जा रहा है।
यह विवाद हाल ही में ‘घूसखोर पंडित’ टाइटल विवाद के बाद आया है, जहां जाति आधारित नामों पर फिल्मों को लेकर संवेदनशीलता बढ़ गई है। यादव समाज के कई नेता और कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर भी फिल्म के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, जिसमें इसे समाज में फूट डालने वाली साजिश बताया जा रहा है।
फिल्म की रिलीज पर अब सस्पेंस है, क्योंकि विरोध तेज होने से सिनेमाघर संचालक भी दबाव में हैं। मामले की निगरानी प्रशासन कर रहा है ताकि कोई बड़ा हंगामा न हो।
