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SC ने ट्रंप का गणित बिगाड़ा: IEEPA टैरिफ अवैध, 10% नया टैरिफ लगाया, अब क्या होगा ट्रंप का अगला दांव?

SC ने बिगाड़ा ट्रंप का गणित… सुप्रीम कोर्ट ने IEEPA टैरिफ को गैरकानूनी ठहराया, ट्रंप को बड़ा झटका; राष्ट्रपति ने तुरंत 10% ग्लोबल टैरिफ लगाया, अब क्या होगा अगला दांव?

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापक टैरिफ प्लान को बड़ा झटका दिया। कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत ट्रंप को अकेले टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं है। यह फैसला ट्रंप की आर्थिक और विदेश नीति के मुख्य स्तंभ को हिला देने वाला है, क्योंकि उन्होंने इसी कानून का इस्तेमाल कर दुनिया भर के देशों पर “Liberation Day” टैरिफ लगाए थे – जिसमें भारत, चीन, कनाडा, मैक्सिको सहित लगभग सभी ट्रेडिंग पार्टनर्स शामिल थे।

कोर्ट ने चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स की अगुवाई में लिखा कि IEEPA में “टैरिफ” या “ड्यूटी” का कोई जिक्र नहीं है, और राष्ट्रपति को असीमित टैक्स लगाने की शक्ति नहीं दी गई। संविधान के अनुसार टैक्स/टैरिफ का अधिकार कांग्रेस के पास है, न कि राष्ट्रपति के। यह फैसला Learning Resources Inc. v. Trump और साथी मामलों में आया, जहां बिजनेस और स्टेट्स ने चुनौती दी थी।

ट्रंप का गणित कैसे बिगड़ा?

ट्रंप ने 2025 में “Liberation Day” के तहत IEEPA का हवाला देकर ग्लोबल इमरजेंसी घोषित की और टैरिफ लगाए:

कनाडा/मैक्सिको पर 25% (ड्रग्स और ट्रेड डेफिसिट के नाम पर)

चीन पर 10-145% तक

भारत, ब्राजील आदि पर 10-50%

कुल मिलाकर $130-200 बिलियन (लगभग 11-18 लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा रेवेन्यू कलेक्ट किया गया।

कोर्ट ने इसे “असाधारण शक्ति का दुरुपयोग” बताया। अब ये टैरिफ अवैध हैं, और इंपोर्टर्स को रिफंड का रास्ता खुल गया है – अनुमान है $160-175 बिलियन (13-15 लाख करोड़ रुपये) तक रिफंड हो सकता है। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महंगाई कम हो सकती है, लेकिन ट्रेड डील्स और ग्लोबल मार्केट्स में अनिश्चितता बढ़ गई है।

ट्रंप का तुरंत जवाब: 10% नया ग्लोबल टैरिफ

फैसले के कुछ घंटों बाद ही ट्रंप ने व्हाइट हाउस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोर्ट को “फूल्स”, “लैप डॉग्स” और “अनपैट्रियॉटिक” कहा। उन्होंने इसे “डीपली डिसअपॉइंटिंग” बताया और कहा, “मैं कुछ जजों से शर्मिंदा हूं।” तुरंत उन्होंने Section 122 ऑफ ट्रेड एक्ट 1974 के तहत नया 10% ग्लोबल टैरिफ साइन किया, जो 24 फरवरी से प्रभावी होगा। यह टैरिफ 150 दिनों तक चलेगा (कांग्रेस एक्सटेंशन दे सकती है)।

ट्रंप ने कहा:

पुराने IEEPA टैरिफ खत्म हो जाएंगे।

लेकिन रेवेन्यू लगभग वैसा ही रहेगा, क्योंकि Section 232/301 के तहत मौजूदा टैरिफ बने रहेंगे और नए इन्वेस्टिगेशन शुरू होंगे।

“मेरा बैकअप प्लान तैयार है… हम टैरिफ जारी रखेंगे।”

ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि नए टैरिफ से 2026 में रेवेन्यू “वर्चुअली अनचेंज्ड” रहेगा।

ट्रंप का अगला दांव क्या होगा?

ट्रंप के पास अब भी कई विकल्प हैं, लेकिन ये पुराने से ज्यादा सीमित और चुनौतीपूर्ण हैं:

Section 122 (ट्रेड एक्ट 1974): 15% तक टैरिफ 150 दिनों के लिए – ट्रंप ने 10% लगाया, लेकिन एक्सटेंशन के लिए कांग्रेस की जरूरत।

Section 301: अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिसेज पर जांच – 9 महीने लग सकते हैं, पब्लिक हियरिंग जरूरी।

Section 232: नेशनल सिक्योरिटी पर टैरिफ – पहले से स्टील/एल्यूमिनियम पर इस्तेमाल।

Section 338 (टैरिफ एक्ट 1930): 50% तक टैरिफ अगर कोई देश “डिस्क्रिमिनेटरी” ट्रेड करता है – कभी इस्तेमाल नहीं हुआ।

कांग्रेस से नया कानून: रिपब्लिकन कंट्रोल में होने पर संभव, लेकिन मिडटर्म इलेक्शन तक चुनौतीपूर्ण।

ट्रंप ने कहा कि वे Section 301 के तहत कई देशों पर नई जांच शुरू करेंगे। लेकिन ये प्रोसेस लंबी हैं, और कोर्ट चैलेंज हो सकती हैं।

ग्लोबल और भारतीय प्रभाव:

भारत पर: पहले 18% तक टैरिफ था – अब IEEPA वाले खत्म, लेकिन नया 10% ग्लोबल लागू होगा। ट्रेड डील्स प्रभावित।

मार्केट्स: अनिश्चितता से शेयर गिर सकते हैं, लेकिन रिफंड से महंगाई कम हो सकती है।

रिफंड: इंपोर्टर्स को $175 बिलियन तक वापस मिल सकता है, लेकिन प्रोसेस 12-18 महीने लगेगा – “मेस” हो सकता है।

ट्रेड वॉर: दुनिया भर में रिएक्शन – चीन, EU, भारत आदि रिटेलिएटरी टैरिफ पर विचार कर सकते हैं।

ट्रंप ने कहा, “यह अंत नहीं है… हम लड़ेंगे।” लेकिन कोर्ट का फैसला प्रेसिडेंशियल पावर पर बड़ा चेक है। मिडटर्म इलेक्शन तक यह मुद्दा गरम रहेगा।

 

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