Friday, June 26, 2026
धर्म

3 या 4 मार्च, कब मनाई जाएगी होली? पंडितों और पंचांग के अनुसार सही तिथि यहां है!

3 या 4 मार्च, कब मनाई जाएगी होली? पंडितों और पंचांग के अनुसार सही तिथि यहां है!

होली 2026 को लेकर लोगों में काफी कन्फ्यूजन है—कई जगह 3 मार्च, तो कई जगह 4 मार्च की बात हो रही है। लेकिन पंडितों, वैदिक पंचांग और ज्योतिषियों के अनुसार इस साल होलिका दहन (छोटी होली) 3 मार्च (मंगलवार) को शाम को होगी, जबकि रंगों वाली होली (धुलेंडी) 4 मार्च (बुधवार) को मनाई जाएगी।

क्यों है ये बदलाव और कन्फ्यूजन?

फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026 शाम 5:55 बजे से शुरू होकर 3 मार्च शाम 5:07 बजे तक रहेगी।

होलिका दहन पूर्णिमा तिथि पर प्रदोष काल में किया जाता है, इसलिए 3 मार्च शाम को शुभ मुहूर्त (लगभग 6:22 PM से 8:50 PM तक) में होलिका दहन होगा।

लेकिन 3 मार्च को ही खग्रास चंद्रग्रहण (Blood Moon) लग रहा है, जिसके कारण सूतक काल (ग्रहण से 9 घंटे पहले) शुरू हो जाएगा। ग्रहण और सूतक में शुभ कार्य (जैसे रंग खेलना) नहीं किए जाते।

इसलिए 3 मार्च को सिर्फ होलिका दहन होगा, और रंगों का त्योहार 4 मार्च को मनाना शास्त्र-सम्मत और शुभ माना जा रहा है।

कई पंडितों का कहना है कि ये संयोग 100 साल बाद बना है (भद्रा + चंद्रग्रहण का दुर्लभ योग), इसलिए रंग वाली होली 4 मार्च को ही खेलें।

शुभ मुहूर्त (नई दिल्ली के अनुसार, अन्य शहरों में थोड़ा अंतर हो सकता है):

होलिका दहन मुहूर्त: 3 मार्च 2026, शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक (लगभग 2 घंटे 28 मिनट)

रंग वाली होली: 4 मार्च 2026, सुबह से शाम तक (प्रातः काल में गुलाल लगाना शुभ)

क्या करें?

3 मार्च शाम को होलिका दहन की पूजा करें, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक जलाएं।

4 मार्च को जी भर के रंग खेलें, गुलाल उड़ाएं और होली मिलन मनाएं।

ग्रहण के बाद (3 मार्च शाम 6:47 बजे के बाद) कुछ लोग दहन कर सकते हैं, लेकिन ज्यादातर पंडित 4 मार्च को रंगोत्सव की सलाह दे रहे हैं।

होली का त्योहार खुशियों, रंगों और मिलन का है—इस बार चंद्रग्रहण के कारण थोड़ा सावधानी बरतें। आपके इलाके में पंडित क्या कह रहे हैं? या आप 3 या 4 मार्च को मनाएंगे? कमेंट में बताएं!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *