फुटबॉल खेलते समय गिरे शिलांग के सांसद रिकी एजे सिंकॉन, अस्पताल में निधन; राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
फुटबॉल खेलते समय गिरे शिलांग के सांसद रिकी एजे सिंकॉन, अस्पताल में निधन; राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
शिलांग: मेघालय की राजधानी शिलांग से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। वॉइस ऑफ द पीपल पार्टी (VPP) के लोकसभा सांसद डॉ. रिकी एजे सिंकॉन (Ricky AJ Syngkon) का गुरुवार शाम (19 फरवरी 2026) फुटबॉल खेलते समय अचानक गिरने के बाद निधन हो गया। वे 54 वर्ष के थे। घटना के बाद राजनीतिक हलकों में गहरा शोक व्याप्त है, और कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी है।
क्या हुआ था?
सिंकॉन दोस्तों के साथ मावलाई मावियोंग (Mawlai Mawiong) इलाके के एक खेल मैदान में फुटबॉल (या फुटसल) खेल रहे थे। शाम करीब 6:30 बजे अचानक वे मैदान पर गिर पड़े और बेहोश हो गए।
दोस्तों ने उन्हें तुरंत मावियोंग कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) ले जाया, जहां डॉक्टर नहीं मिलने पर उन्हें डॉ. एच. गॉर्डन रॉबर्ट्स हॉस्पिटल (Jaiaw, शिलांग) रेफर किया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन शाम करीब 8:42-8:45 बजे उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक रिपोर्ट्स में कारण कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) बताया जा रहा है।
कौन थे रिकी एजे सिंकॉन?
वे NEHU (North-Eastern Hill University) में इकोनॉमिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर थे, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव में VPP के टिकट पर उतरे।
उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विंसेंट एच. पाला को 3.7 लाख वोटों से हराकर शिलांग सीट जीती थी—ये एक बड़ा उलटफेर था।
सिंकॉन खासी-जयंतिया हिल्स में सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता थे, युवाओं को खेल और शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करते थे। उनकी मौत से पार्टी और क्षेत्र में शोक है।
प्रतिक्रियाएं
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. सांगमा ने कहा, “ये बहुत दुखद है। रिकी एक समर्पित जनप्रतिनिधि थे।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा, “शिलांग से लोकसभा सांसद डॉ. रिकी एजे सिंकॉन के निधन से दुखी हूं। वे जनसेवा के लिए समर्पित थे।”
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी श्रद्धांजलि दी: “उनकी अचानक मौत से दुख हुआ।”
VPP चीफ अर्डेंट बासाइमोइत और अन्य नेताओं ने अस्पताल पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी।
ये घटना स्वास्थ्य और फिटनेस के महत्व को फिर याद दिलाती है—एक सक्रिय नेता की अचानक मौत से पूरा राज्य स्तब्ध है। अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं। मेघालय की राजनीति में ये बड़ा सदमा है।
शोक संतप्त परिवार और शिलांग वासियों के प्रति संवेदना। आप क्या सोचते हैं—ऐसी घटनाएं हमें क्या सिखाती हैं? कमेंट में बताएं।
