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भारत-US ट्रेड डील कब से होगी लागू? पीयूष गोयल ने दे दिया बड़ा अपडेट: अप्रैल से शुरू!

भारत-US ट्रेड डील कब से होगी लागू? पीयूष गोयल ने दे दिया बड़ा अपडेट: अप्रैल से शुरू!

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट (अंतरिम व्यापार समझौता) पर बड़ा अपडेट आया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को कहा कि यह डील मार्च में हस्ताक्षर होने के बाद अप्रैल 2026 से पूरी तरह लागू (operational) हो सकती है। गोयल ने इसे दोनों देशों के बीच व्यापार को नई ऊंचाई देने वाला कदम बताया और कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों, MSMEs और किसानों को बड़ा फायदा होगा।

क्या कहा पीयूष गोयल ने?

गोयल ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में संकेत दिया कि भारत-US इंटरिम ट्रेड डील का कानूनी टेक्स्ट फाइनल करने के लिए 23 फरवरी 2026 से अमेरिका में तीन दिवसीय बैठक शुरू होगी।

बैठक के बाद मार्च 2026 में फॉर्मल साइनिंग हो सकती है।

समझौता अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा, यानी टैरिफ में कटौती और अन्य लाभ तभी से लागू होंगे।

गोयल ने जोर दिया कि संवेदनशील सेक्टर जैसे डेयरी, कृषि उत्पाद (जैसे दालें, पोल्ट्री) को डील से बाहर रखा गया है, ताकि भारतीय किसानों को कोई नुकसान न हो।

यह डील दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने की दिशा में पहला कदम है। अमेरिका ने भारत पर लगे 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया है, और भारत ने भी अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम करने का वादा किया है।

क्या होगा फायदा?

भारतीय निर्यात (टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि) पर कम टैरिफ से अमेरिकी बाजार में आसानी।

अमेरिकी तेल, गैस, कोकिंग कोल आदि के आयात पर बेहतर डील।

कुल मिलाकर, यह मिनी ट्रेड डील पूर्ण FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) की ओर पहला स्टेप है।

गोयल ने यह भी बताया कि इसी अप्रैल में UK और ओमान के साथ FTA भी लागू हो सकते हैं, जबकि न्यूजीलैंड के साथ सितंबर में।

पृष्ठभूमि

फरवरी 2026 की शुरुआत में दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर इंटरिम एग्रीमेंट का फ्रेमवर्क तैयार होने की घोषणा की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत से यह डील आगे बढ़ी। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी कहा कि साइनिंग “बहुत जल्द” होगी।

यह अपडेट भारतीय शेयर बाजार में भी उत्साह लाया है, क्योंकि इससे एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड सेक्टर्स को बूस्ट मिलेगा। हालांकि, कुछ किसान संगठन अभी भी डील के प्रभाव पर नजर रखे हुए हैं।

क्या आप सोचते हैं कि यह डील भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होगी? या कोई चिंता है? कमेंट में बताएं! 🇮🇳🇺🇸

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