‘तुम्हें जिंदा जला देंगे’… बुर्के में कावड़ लाने वाली तमन्ना मलिक और पति अमन त्यागी को मिली खौफनाक धमकियां
‘तुम्हें जिंदा जला देंगे’… बुर्के में कावड़ लाने वाली तमन्ना मलिक और पति अमन त्यागी को मिली खौफनाक धमकियां
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक घटना ने पूरे देश में बहस छेड़ दी है। मुस्लिम महिला तमन्ना मलिक (Tamanna Malik) ने महाशिवरात्रि पर बुर्का पहनकर हरिद्वार से कावड़ यात्रा की और संभल पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। उनकी यह आस्था और मन्नत पूरी होने की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लेकिन अब इसे लेकर उन्हें और उनके पति अमन त्यागी को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
क्या हुआ था घटना?
तमन्ना (बदनपुर बासी गांव, संभल) ने मन्नत मांगी थी कि अगर अमन से शादी हो गई तो कावड़ यात्रा करेंगी।
शादी के बाद फरवरी 2026 में उन्होंने हरिद्वार से गंगाजल भरकर 171 किमी की यात्रा की – बुर्का पहनकर कावड़ कंधे पर उठाए, रास्ते में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारे लगाए।
संभल पहुंचकर बुर्के में ही महादेव का जलाभिषेक किया। रास्ते में हिंदू संगठनों और भक्तों ने फूल बरसाकर, मालाएं पहनाकर स्वागत किया।
पुलिस ने सुरक्षा प्रदान की, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ा।
धमकियों का विवरण
तमन्ना और अमन ने असमोली थाने में शिकायत दर्ज कराई।
धमकियां सोशल मीडिया और फोन पर आईं – “तुम्हें जिंदा जला देंगे”, “मार डालेंगे”, “तुमने इस्लाम को बदनाम किया” जैसी बातें।
कुछ मौलाना और कट्टरपंथी तत्वों ने इसे “शरिया के खिलाफ” बताया और विरोध जताया।
तमन्ना ने इंटरव्यू में कहा: “मुझे जो ठीक लगेगा वही करूंगी… बुर्का पहनकर कावड़ लाने से क्या दिक्कत हो गई?” उन्होंने तलवार निकालकर भी चेतावनी दी कि वे डरने वाली नहीं हैं।
अमन त्यागी ने कहा कि 2027 में दोबारा कावड़ लाएंगे।
प्रतिक्रियाएं
कई लोग इसे इंटरफेथ हार्मनी और भक्ति का कोई धर्म नहीं का उदाहरण बता रहे हैं।
दूसरी तरफ कुछ इसे “धर्म परिवर्तन” या “प्रचार” बताकर विरोध कर रहे हैं।
पुलिस जांच कर रही है, धमकियों के स्रोत ट्रेस करने की कोशिश में है।
यह मामला आस्था, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और धार्मिक भावनाओं के बीच टकराव को दिखाता है। तमन्ना की हिम्मत की तारीफ हो रही है, लेकिन सुरक्षा की चिंता भी बढ़ गई है। क्या ऐसे मामलों में आस्था को सम्मान मिलना चाहिए या विवाद बढ़ेगा?
