जम्मू-कश्मीर: किशोर सुधार गृह से फरार 2 पाकिस्तानी नागरिकों को पुलिस ने पकड़ा, हमले के बाद 24 घंटे में दबोचा
जम्मू-कश्मीर: किशोर सुधार गृह से फरार 2 पाकिस्तानी नागरिकों को पुलिस ने पकड़ा, हमले के बाद 24 घंटे में दबोचा
जम्मू: जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा स्थित किशोर सुधार गृह (जुवेनाइल ऑब्जर्वेशन होम) से सोमवार शाम फरार हुए दो पाकिस्तानी नागरिकों को पुलिस ने पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार कर लिया है। यह बड़ी सफलता महज 24 घंटे के भीतर हासिल हुई है। फरार होने के दौरान तीनों नाबालिगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया था, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।
घटना की शुरुआत सोमवार शाम करीब 5:15 बजे हुई, जब आरएस पुरा के बाल सुधार गृह में बंद तीन नाबालिगों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला कर फरार होने की कोशिश की। इनमें दो पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद सुना-उल्लाह (मुजफ्फराबाद/पाकिस्तान) और एहसान अनवर (पंजाब/पाकिस्तान) शामिल थे, जबकि तीसरा जम्मू के डबलेहार निवासी करनजीत सिंह उर्फ गुग्गा (स्थानीय गैंगस्टर, ‘खौफ गैंग’ से जुड़ा) था।
हमले के दौरान नाबालिगों ने कथित तौर पर देसी कट्टे से फायरिंग की, जिससे हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार और एसपीओ विनय चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए जीएमसी जम्मू ले जाया गया। सीसीटीवी फुटेज में हमले का वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें फायरिंग और हमले के दृश्य दिखे।
फरार होने के बाद पुलिस ने हाई अलर्ट जारी किया, कई स्पेशल टीमें गठित की गईं और इंटरनेशनल बॉर्डर पर सतर्कता बढ़ा दी गई। जांच में पता चला कि तीनों ने पहले झगड़ा करके पुलिसकर्मियों को बुलाया, फिर हमला कर दीवार फांदकर भाग निकले। एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने रास्ते में बाइक भी लूटी।
गिरफ्तारी की जानकारी:
मंगलवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम ने पंजाब के लुधियाना के एक गांव में दोनों पाकिस्तानी नागरिकों को ट्रैक कर दबोच लिया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से यह कार्रवाई सफल रही। हालांकि, तीसरे फरार आरोपी करनजीत सिंह की अभी तलाश जारी है।
इस घटना के बाद सुधार गृह में तैनात छह पुलिसकर्मियों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने भी सुरक्षा चूक पर सवाल उठाए और कहा कि सभी आरोपी अब नाबालिग नहीं रह गए थे, उन्हें ट्रांसफर किया जाना चाहिए था।
यह मामला सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, खासकर पाकिस्तानी नागरिकों के शामिल होने के कारण। पुलिस जांच जारी है कि कैसे देसी हथियार सुधार गृह में पहुंचा।
