बांग्लादेश को नई चुनी हुई सरकार: BNP नेता तारिक रहमान बने प्रधानमंत्री, ली शपथ; 17 साल के निर्वासन के बाद ऐतिहासिक वापसी
ढाका, 17 फरवरी 2026: बांग्लादेश में राजनीतिक इतिहास का एक नया अध्याय लिखा गया है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन तारिक रहमान ने आज मंगलवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। यह शपथ राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन के सामने आयोजित भव्य समारोह में दिलाई। तारिक रहमान के साथ 49 सदस्यीय मंत्रिमंडल ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
यह घटना 12 फरवरी को हुए 13वें संसदीय चुनाव के बाद हुई, जिसमें BNP ने भारी बहुमत हासिल किया। BNP और उसके सहयोगियों ने 299 में से 212 सीटें जीतीं, जबकि जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 77 सीटें मिलीं, जो अब मुख्य विपक्ष बनेगा। यह चुनाव 2024 के छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद पहला था, जिसमें शेख हसीना की सरकार गिर गई थी और मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने 18 महीने देश चलाया।
तारिक रहमान (60 वर्ष) पिछले 17 साल से लंदन में निर्वासन में थे। वे दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे और राष्ट्रपति जियाउर रहमान के पुत्र हैं। उनकी जीत को बांग्लादेश में लोकतंत्र की वापसी के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने चुनाव में लोगों की जीत बताते हुए कहा कि “यह जीत बांग्लादेश की है”।
शपथ ग्रहण समारोह में सैकड़ों समर्थक जमा हुए। नए सांसदों ने सुबह मुख्य चुनाव आयुक्त ए.एम.एम. नासिर उद्दीन के समक्ष शपथ ली। BNP संसदीय दल की बैठक में तारिक रहमान को सदन का नेता चुना गया।
मुख्य बिंदु:
शपथ का समय: दोपहर में संसद के साउथ प्लाजा पर।
मंत्रिमंडल: 49 सदस्यीय कैबिनेट, जिसमें BNP के प्रमुख नेता शामिल।
अंतरिम सरकार का अंत: नोबेल विजेता मुहम्मद यूनुस ने सोमवार को इस्तीफा दिया और लोकतंत्र की निरंतरता की कामना की।
ऐतिहासिक महत्व: 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री बना (पहले खालिदा जिया और शेख हसीना महिलाएं थीं)।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: भारत, मालदीव, भूटान जैसे पड़ोसी देशों के नेता शामिल हुए। भारत ने संबंधों को रीसेट करने की कोशिश की।
यह बदलाव बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा उलटफेर है, जहां Awami League को चुनाव से बाहर रखा गया था। तारिक रहमान ने लोकतंत्र, संवैधानिक सुधार और आर्थिक विकास पर जोर दिया है।
नई सरकार को चुनौतियां भी हैं, जैसे अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और क्षेत्रीय संबंध। लेकिन आज का दिन बांग्लादेश के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है।
