देहरादून में संदिग्धों की तलाश में ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ शुरू: पहले दिन 2,186 बाहरी लोगों का सत्यापन, 191 चालान – पुलिस अलर्ट मोड में
देहरादून में संदिग्धों की तलाश में ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ शुरू: पहले दिन 2,186 बाहरी लोगों का सत्यापन, 191 चालान – पुलिस अलर्ट मोड में
देहरादून पुलिस ने ऑपरेशन क्रैक डाउन (Operation Crack Down) के तहत संदिग्ध व्यक्तियों और बाहरी लोगों की तलाश में बड़ा अभियान शुरू किया है। यह अभियान डीजीपी उत्तराखंड के निर्देश पर 15 फरवरी 2026 से शुरू हुआ और एक महीने तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य आपराधिक पृष्ठभूमि छिपाकर रहने वाले संदिग्धों, अनवेरिफाइड किराएदारों और बाहरी व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई करना है।
पहले दिन की कार्रवाई (15-16 फरवरी 2026)
2,186 बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन किया गया – मुख्य रूप से किराएदार, मजदूर और अन्य बाहरी राज्य से आए लोग।
191 व्यक्तियों के खिलाफ 83 पुलिस एक्ट में चालान किए गए – कुल ₹19,10,000 का जुर्माना वसूला गया।
55 व्यक्तियों पर 81 पुलिस एक्ट में अतिरिक्त कार्रवाई – ₹13,250 जुर्माना।
28 संदिग्धों को थाने लाकर पूछताछ की गई और उनकी फिजिकल वेरिफिकेशन की गई।
थाना क्षेत्रों में घर-घर जाकर, होटल्स, लॉज और किराए के मकानों की जांच की गई।
क्यों शुरू हुआ यह अभियान?
देहरादून में हाल के अपराधों (जैसे हत्याएं, चोरी, फर्जी आईडी) में बाहरी संदिग्धों की भूमिका बढ़ रही है।
पिछले ऑपरेशन्स जैसे ऑपरेशन कालनेमी (जिसमें बांग्लादेशी नागरिकों सहित 511 गिरफ्तारियां हुईं) के बाद अब और सख्ती।
पुलिस का फोकस: फर्जी आईडी, अनवेरिफाइड किराएदारों और आपराधिक इतिहास वाले लोगों पर।
SSP अजय सिंह ने कहा कि पुलिस हाई अलर्ट पर है – कोई भी संदिग्ध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अभियान की रणनीति
सभी थानों में विशेष टीमें गठित।
किराएदारों के मालिकों से वेरिफिकेशन अनिवार्य – नियम न मानने पर जुर्माना।
पिछले सालों में भी ऐसे ड्राइव चले थे (जैसे 2022 में 26,000+ लोगों का सत्यापन), लेकिन अब महीने भर का सघन अभियान।
लोगों पर असर
बाहरी राज्य से आए मजदूर, छात्र या कामगारों को अपने दस्तावेज (आधार, वोटर आईडी, पुलिस वेरिफिकेशन) तैयार रखने की सलाह।
मकान मालिकों को किराएदारों का सत्यापन करवाना जरूरी – नहीं तो जुर्माना।
बैरेली से देहरादून ज्यादा दूर नहीं – अगर UP से उत्तराखंड जाते हैं या वहां रहते हैं, तो दस्तावेज अपडेट रखें। पुलिस का यह अभियान सुरक्षा बढ़ाने के लिए है, लेकिन नियमों का पालन जरूरी।
