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मुजफ्फरपुर: नाबालिग बेटी के स्कूल बैग में भरी ईंटें, बीच सड़क पर थप्पड़ जड़कर क्रूरता – वायरल वीडियो ने मचाया हंगामा!

मुजफ्फरपुर: नाबालिग बेटी के स्कूल बैग में भरी ईंटें, बीच सड़क पर थप्पड़ जड़कर क्रूरता – वायरल वीडियो ने मचाया हंगामा!

मुजफ्फरपुर (बिहार): बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी को ‘सजा’ देने के नाम पर क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं – बच्ची के स्कूल बैग में भारी ईंटें और पत्थर भर दिए, फिर उसे व्यस्त सड़क पर बोझ ढोने के लिए मजबूर किया। बच्ची रोती-चिल्लाती रही, लेकिन मां का दिल नहीं पसीजा – बल्कि बीच सड़क पर उसे थप्पड़ जड़ दिए और बाल खींचकर पीटा!

वीडियो में देखा जा सकता है कि छोटी बच्ची (उम्र करीब 8-10 साल) बोझ से लड़खड़ाती हुई चल रही है, रो रही है और मदद मांग रही है। राहगीरों ने महिला से मिन्नतें कीं, “ऐसा मत करो, बच्ची है अपनी!” लेकिन महिला ने एक नहीं सुनी – उल्टे लोगों से बहस करने लगी। आखिरकार लोगों के दबाव में बैग से ईंटें निकाली गईं, और बच्ची को राहत मिली।

घटना के मुख्य बिंदु:

कारण: रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्ची ने शिकायत की थी कि स्कूल बैग बहुत भारी है। इससे गुस्साई मां ने ‘सजा’ के तौर पर बैग में 7-10 ईंटें भर दीं (कुछ रिपोर्ट्स में 7, कुछ में ज्यादा)।

स्थान: मुजफ्फरपुर शहर का एक व्यस्त बाजार इलाका।

क्रूरता: बच्ची को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया – बोझ ढोने से थककर रोती रही, मां ने थप्पड़ मारे और बाल पकड़कर पीटा।

पृष्ठभूमि: कुछ सोर्स में दावा कि यह पति से झगड़े के बाद की ‘सजा’ थी, लेकिन पुष्टि नहीं हुई।

प्रतिक्रिया: वीडियो देखकर लोग भड़क गए – सोशल मीडिया पर #ChildAbuse, #MuzaffarpurViral और #SaveTheChild ट्रेंड कर रहे हैं। लोग बाल अधिकारों की उल्लंघन बताकर पुलिस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई ने कहा, “यह अनुशासन नहीं, सरासर अत्याचार है – बच्ची को बचाओ!”

यह घटना बच्चों के साथ घरेलू हिंसा, क्रूर परवरिश और बाल अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। बाल संरक्षण समिति (CWC) और पुलिस को इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए – बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और आरोपी मां के खिलाफ POCSO या Juvenile Justice Act के तहत केस दर्ज हो।

यह वीडियो सिर्फ क्रूरता नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती असंवेदनशीलता का आईना है। बच्चे की सुरक्षा हर किसी की जिम्मेदारी है – अगर आपके आसपास ऐसा कोई मामला हो तो तुरंत पुलिस या चाइल्डलाइन (1098) पर रिपोर्ट करें!

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