ईरान में महायुद्ध की आहट! खामेनेई ‘फातिमा मसूमा’ की पवित्र मजार पहुंचे, जमकरान मस्जिद में विशेष प्रार्थना—क्या बड़ा ऐलान या युद्ध की तैयारी?
ईरान में महायुद्ध की आहट! खामेनेई ‘फातिमा मसूमा’ की पवित्र मजार पहुंचे, जमकरान मस्जिद में विशेष प्रार्थना—क्या बड़ा ऐलान या युद्ध की तैयारी?
ईरान में तनाव चरम पर! सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने हाल ही में कोम शहर की पवित्र फातिमा मसूमा (Fatima Masumeh) श्राइन और जमकरान मस्जिद (Jamkaran Mosque) का अनाउंस्ड दौरा किया। यह दौरा जनवरी-फरवरी 2026 के अंत में (मुख्य रूप से 29-31 जनवरी के आसपास) हुआ, लेकिन सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में इसे अब “महायुद्ध की आहट” के रूप में देखा जा रहा है। खासकर अमेरिका के साथ बढ़ते टकराव और ट्रंप प्रशासन की धमकियों के बीच यह दौरा बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या हुआ दौरा?
खामेनेई ने फातिमा मसूमा श्राइन (शिया इस्लाम की प्रमुख महिला संत) और जमकरान मस्जिद में विशेष प्रार्थना की।
जमकरान मस्जिद इमाम महदी (शिया विश्वास में छिपे हुए इमाम) से जुड़ी है—यहां प्रार्थना अक्सर संकट या बड़े फैसलों से पहले की जाती है।
दौरा अनाउंस्ड था, और इसे “बंकर से निकलकर” बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स (जैसे JFeed, Hindustan Times, Instagram पोस्ट्स) में कहा गया कि यह अमेरिका या इजराइल के खिलाफ “रिटेलिएशन” या “डिवाइन गाइडेंस” की तैयारी का संकेत हो सकता है।
साथ ही, फरवरी में उन्होंने इमाम खुमैनी के मकबरे का भी दौरा किया और अमेरिका को “क्षेत्रीय युद्ध” की चेतावनी दी।
क्यों मचा बवाल?
ईरान-अमेरिका तनाव चरम पर: ट्रंप की “मेजर डिस्ट्रक्शन” वाली धमकियां, न्यूक्लियर और मिसाइल प्रोग्राम पर दबाव।
खामेनेई ने पहले ही कहा—”अगर अमेरिका युद्ध शुरू करेगा, तो यह सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्षेत्रीय महायुद्ध बनेगा।”
जमकरान जैसी जगहों पर दौरा शिया परंपरा में “महत्वपूर्ण फैसले” या “जिहाद/रिटेलिएशन” से पहले होता है। सोशल मीडिया पर कयास लग रहे हैं कि कोई बड़ा ऐलान (जैसे मिलिट्री मोबिलाइजेशन या “ट्रू प्रॉमिस” ऑपरेशन का अगला चरण) आ सकता है।
ईरान की संसद ने भी कहा कि खामेनेई पर हमला हुआ तो “होली वॉर” (जिहाद) घोषित कर देंगे।
फिलहाल स्थिति:
खामेनेई ने फरवरी में इस्लामिक रिवॉल्यूशन की 47वीं वर्षगांठ पर टीवी मैसेज में एकजुटता की बात कही, लेकिन कोई नया “बड़ा ऐलान” नहीं हुआ। दौरा धार्मिक था, लेकिन टाइमिंग और जगह ने स्पेकुलेशन बढ़ा दिया। ईरान अब “स्टैंडफास्ट” दिखा रहा है—न कोई पीछे हट रहा, न ही युद्ध शुरू करने को तैयार।
क्या लगता है—यह सिर्फ धार्मिक दौरा है या महायुद्ध की तैयारी?
