भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह के सपोर्ट में आईं अक्षरा सिंह! एलिमनी डिमांड पर बड़ा बयान
भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह के सपोर्ट में आईं अक्षरा सिंह! एलिमनी डिमांड पर बड़ा बयान, बोलीं- ‘100 करोड़ भी कम पड़ सकता है’
भोजपुरी सिनेमा में चल रहे तलाक विवाद में नया ट्विस्ट! भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह (Akshara Singh), जो पवन सिंह की पूर्व गर्लफ्रेंड रही हैं, ने उनकी पत्नी ज्योति सिंह (Jyoti Singh) का खुलकर समर्थन किया है। अक्षरा ने ज्योति की एलिमनी (भरण-पोषण) की मांग को पूरी तरह जायज बताया और कहा कि महिलाओं को उनका पूरा हक मिलना चाहिए—चाहे वो 10 करोड़ हो, 20 करोड़ या 100 करोड़ भी!
क्या हुआ है मामला?
पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 2018 में हुई थी, लेकिन अब दोनों के बीच तलाक का केस चल रहा है। आरा फैमिली कोर्ट में ज्योति ने भावुक होकर पवन से 10 करोड़ रुपये की मेंटेनेंस (एलिमनी) मांगी। उन्होंने आरोप लगाए कि उन्हें सालों तक प्यार और सपोर्ट नहीं मिला, और पवन ने कोर्ट हियरिंग में हिस्सा नहीं लिया।
ज्योति ने सुलह की कोशिश की, लेकिन पवन की तरफ से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठा। कुछ रिपोर्ट्स में एलिमनी की डिमांड 30 करोड़ तक बताई गई, लेकिन मुख्य रूप से 10 करोड़ पर फोकस है।
अक्षरा सिंह का बड़ा बयान (पटना में वायरल वीडियो से):
अक्षरा ने IANS और अन्य मीडिया से बातचीत में कहा:
“जब भी कोई लड़की शादी करके किसी के साथ चली जाती है, तो उसकी जिम्मेदारी उस आदमी की हो जाती है। तलाक होने पर एलिमनी लेना उसका पूरा हक है, और उसे पूरा मिलना चाहिए। बिल्कुल मिलना चाहिए—चाहे वो 10 करोड़ मांगे, 20 करोड़ मांगे, या 100 करोड़ भी मांगे, तब भी शायद वो काफी ना हो। जो लड़की ने झेला है, उसके बाद 100 करोड़ भी कम पड़ सकता है। समाज को मिलकर ऐसी महिलाओं को न्याय दिलाना चाहिए।”
यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। अक्षरा ने इसे महिलाओं के अधिकारों से जोड़ा और कहा कि कोई कैप (सीमा) नहीं होनी चाहिए।
पवन सिंह का पक्ष:
पवन सिंह ने अभी तक इस बयान पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया है। उनके वकील ने कोर्ट में कहा कि ज्योति की मांग पर जज ने समझाया, और वे कुछ समझौते पर राजी हैं (जैसे नोएडा में फ्लैट और 3 करोड़), लेकिन मामला अभी चल रहा है।
यह घटना भोजपुरी इंडस्ट्री में बड़े ड्रामे का कारण बन गई है। फैंस के बीच बहस छिड़ी हुई है—कुछ महिलाओं के अधिकारों की बात कर रहे हैं, तो कुछ एलिमनी की रकम को “अधिक” बता रहे हैं।
क्या आपको लगता है कि अक्षरा का बयान सही है या यह सिर्फ विवाद बढ़ाने वाला है?
