उत्तराखंड BJP कोर ग्रुप की अहम बैठक: जेपी नड्डा की अध्यक्षता में 2027 चुनाव रणनीति पर मंथन, तीन महामंत्रियों और कुछ पूर्व CM को बाहर रखा
उत्तराखंड BJP कोर ग्रुप की अहम बैठक: जेपी नड्डा की अध्यक्षता में 2027 चुनाव रणनीति पर मंथन, तीन महामंत्रियों और कुछ पूर्व CM को बाहर रखा
उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कोर कमेटी/कोर ग्रुप की बैठक आज (14 फरवरी 2026) देहरादून के जौलीग्रांट स्थित एक होटल (पद्मिनी पैलेस) में चल रही है। पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी कर रहे हैं, और यह पार्टी की नई कोर कमेटी की पहली बैठक है।
बैठक में शामिल प्रमुख नेता (कुल 14 बड़े नेता)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट
संगठन महामंत्री अजय सिंह
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और रमेश पोखरियाल निशंक
सभी 6 लोकसभा और राज्यसभा सांसद (त्रिवेंद्र और महेंद्र भट्ट सहित)
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और धन सिंह रावत
अन्य वरिष्ठ नेता जैसे राज्य लक्ष्मी शाह आदि
बाहर रखे गए प्रमुख नाम
तीनों प्रदेश महामंत्री (कोई भी शामिल नहीं)
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और तीरथ सिंह रावत भी बैठक में मौजूद नहीं हैं।
बैठक का महत्व और संभावित एजेंडा
यह बैठक लंबे समय बाद हो रही है और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का औपचारिक आगाज मानी जा रही है। मुख्य फोकस:
हाल ही में प्रदेश भर में किए गए इंटरनल सर्वे पर चर्चा — कई विधायकों की परफॉर्मेंस खराब पाई गई है।
टिकट वितरण में “winnability” (जीतने की क्षमता) को मुख्य आधार बनाना।
संगठनात्मक मजबूती, राजनीतिक चुनौतियां, और अल्पकालिक-दीर्घकालिक कार्यक्रमों की रणनीति।
वर्तमान मुद्दों (जैसे कानून व्यवस्था, शंकराचार्य विवाद, महाकुंभ आदि) पर पार्टी की स्थिति मजबूत करने की योजना।
पार्टी में लंबे समय से दायित्वों की मांग और जनरेशनल रीसेट (युवा उम्मीदवारों को अधिक मौका) की संभावना।
डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को ग्रासरूट तक पहुंचाना।
नड्डा सुबह जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे, जहां CM धामी और अन्य नेताओं ने स्वागत किया। उन्होंने हिमालयन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में भी हिस्सा लिया, उसके बाद बैठक में शामिल हुए।
यह बैठक पार्टी में हलचल पैदा कर रही है, क्योंकि सर्वे में खराब प्रदर्शन वाले विधायकों पर सख्ती और टिकट में बदलाव की संभावना है। कांग्रेस पहले से ही कानून व्यवस्था पर हमला कर रही है, ऐसे में BJP 2027 से पहले संगठन को मजबूत करने की कोशिश में जुटी है।
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