मसूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग धंस गया: भू-माफियाओं के अवैध खनन से NH-707A क्षतिग्रस्त, चारधाम यात्रा और LBS अकादमी का रास्ता 20-30 दिन बंद रह सकता है!
मसूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग धंस गया: भू-माफियाओं के अवैध खनन से NH-707A क्षतिग्रस्त, चारधाम यात्रा और LBS अकादमी का रास्ता 20-30 दिन बंद रह सकता है!
देहरादून/मसूरी: उत्तराखंड की पहाड़ियों में एक बार फिर भू-माफियाओं का कहर देखने को मिला। देहरादून जिले के मसूरी में राष्ट्रीय राजमार्ग-707A (NH-707A) का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिससे मसूरी से कैंपटी फॉल, उत्तरकाशी और चारधाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री आदि) का प्रमुख मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। साथ ही लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी (LBSNAA) तक जाने वाला रास्ता भी प्रभावित हुआ है। घटना गुरुवार शाम (12 फरवरी 2026) को वाल्मीकि मंदिर के पास हुई, जहां सड़क की नींव कमजोर होने से धड़ाम से गिर गई।
क्या हुआ और क्यों?
प्रारंभिक जांच में अवैध खनन (illegal mining) मुख्य वजह बताई जा रही है। भू-माफियाओं ने बड़े निर्माण के लिए रात के समय जेसीबी से अवैध खुदाई की, जिससे राजमार्ग की पुश्ता (retaining wall) और नींव कमजोर हो गई।
सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने से यातायात पूरी तरह ठप। छोटे वाहनों के लिए मोतीलाल नेहरू मार्ग (वैवरली चौक होते हुए) और बड़े वाहनों के लिए हाथीपांव रोड को वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है, लेकिन ये भी पर्याप्त नहीं हैं।
एसडीएम राहुल आनंद ने जांच के आदेश दिए हैं। FIR दर्ज करने और दोषियों से वसूली (recovery) के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।
प्रभाव कितना बड़ा?
चारधाम यात्रा पर असर: यह मार्ग उत्तरकाशी और चारधाम (बदरीनाथ, केदारनाथ आदि) के लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल चरम सीजन नहीं है (यात्रा अप्रैल-मई से शुरू होती है), लेकिन मरम्मत में देरी हुई तो तैयारियां प्रभावित होंगी। हजारों श्रद्धालु और पर्यटक प्रभावित।
LBSNAA और कैम्पटी फॉल: प्रशासनिक अकादमी के ट्रेनी और पर्यटक परेशान। कैम्पटी फॉल जाने वाले रूट भी ब्लॉक।
खुलने का समय: अधिकारियों के अनुसार 20-25 दिन से 1 महीना तक लग सकता है। पुनर्निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा, लेकिन पहाड़ी इलाके में चुनौतियां ज्यादा हैं।
प्रशासन की कार्रवाई:
यातायात डायवर्ट किया गया है।
भू-माफियाओं पर सख्ती बढ़ाई जा रही है – जांच और FIR की प्रक्रिया तेज।
पर्यटन कारोबारियों ने चिंता जताई है कि अगर जल्द ठीक नहीं हुआ तो पर्यटन सीजन (मार्च-अप्रैल) पर असर पड़ेगा।
यह घटना उत्तराखंड में अवैध खनन और निर्माण के खतरे को फिर उजागर करती है, जहां पहले भी चारधाम प्रोजेक्ट से जुड़े लैंडस्लाइड हुए हैं। फिलहाल यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने और अपडेट चेक करने की सलाह दी जा रही है।
