राजनीति

महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा मोड़: अजित पवार के निधन के बाद NCP का विलय अटक गया, आज का ऐलान रद्द

महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा मोड़: अजित पवार के निधन के बाद NCP का विलय अटक गया, आज का ऐलान रद्द

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों—शरद पवार गुट (NCP-SP) और अजित पवार गुट—के बीच संभावित विलय की प्रक्रिया आज (12 फरवरी) को औपचारिक तौर पर घोषित होने वाली थी, लेकिन अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में प्लेन क्रैश में मौत के बाद यह पूरी तरह अटक गई है। पार्टी के दोनों खेमों से मिले बयानों से साफ है कि विलय अब अनिश्चित हो चुका है और महायुति गठबंधन में अजित गुट की स्थिति मजबूत बनी हुई है।

शरद पवार गुट की प्रमुख नेता और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने आज मीडिया से बातचीत में कहा, “दादा (अजित पवार) अब नहीं हैं, तो अब क्या बात करने की है? पुरानी चर्चाएं हमारे बीच ही रहेंगी। परिवार शोक में है, पुरानी बातें दोहराना नहीं चाहते।” उन्होंने इसे “मोरल रिस्पॉन्सिबिलिटी” बताया कि अजित पवार की अधूरी इच्छाओं को पूरा किया जाए, लेकिन विलय पर कोई स्पष्ट हामी नहीं भरी। सुप्रिया सुले ने कहा कि अब सब कुछ “डेस्टिनी” पर छोड़ दिया गया है और जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।

दूसरी ओर, अजित पवार गुट के प्रमुख नेता और महाराष्ट्र NCP अध्यक्ष सुनील तटकरे ने साफ इशारा किया कि उनकी पार्टी महायुति (NDA) गठबंधन में बनी रहेगी। उन्होंने कहा, “एनसीपी विधायक दल अपने फैसले लेने में सक्षम है। विलय किसमें होगा, यह साफ नहीं है। हम NDA के साथ हैं और आगे भी रहेंगे।” सुनेत्रा पवार (अजित पवार की पत्नी), जो अब डिप्टी सीएम हैं, ने भी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जहां विलय की मुश्किलों पर चर्चा हुई, लेकिन कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला।

शरद पवार ने पहले कई बार खुलासा किया था कि पिछले चार महीनों से बातचीत चल रही थी और अजित पवार खुद विलय के पक्ष में थे। उन्होंने 12 फरवरी को ऐलान की तारीख तय की थी, लेकिन अब उन्होंने “बाहरी ताकतों” (संकेत BJP या अन्य की ओर) पर विलय में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाया है। हालांकि, अजित गुट से कोई उत्साह नहीं दिख रहा। रोहित पवार (शरद गुट) ने भी आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस टाल दी और क्रैश जांच पर फोकस करने की बात कही।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अजित पवार ही विलय के मुख्य सूत्रधार थे। उनकी मौत के बाद सुनेत्रा पवार की डिप्टी सीएम पद की शपथ और महायुति में बने रहने का फैसला परिवार में नई उलझनें पैदा कर रहा है। एनसीपी के विलय की उम्मीद अब काफी कमजोर पड़ गई है, और महाराष्ट्र की सियासत में पवार परिवार की अगली चाल पर सबकी नजर टिकी है।

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