लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष को दिया जवाब, बोलीं- ‘देश में क्रेडिट की कमी नहीं’
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 11 फरवरी 2026 को लोकसभा में यूनियन बजट 2026-27 पर चल रही सामान्य चर्चा का जवाब देते हुए विस्तृत भाषण दिया। यह बजट पर बहस का हिस्सा था, जिसमें उन्होंने विपक्ष (खासकर राहुल गांधी) के आरोपों का पलटवार किया और सरकार की नीतियों का बचाव किया।
मुख्य बिंदु जो उन्होंने लोकसभा में बोले:
राज्यों को फंड ट्रांसफर: अगले वित्त वर्ष में राज्यों को कुल 25.44 लाख करोड़ रुपये के संसाधन हस्तांतरित किए जाएंगे, जो पिछले साल से 2.7 लाख करोड़ रुपये अधिक है। प्रभावी कैपिटल एक्सपेंडिचर (ग्रांट्स सहित) 17.1 लाख करोड़ रुपये है, जो GDP का 4.4% है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर फोकस: इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर जोर, जिसमें रेल, सड़क, वाटरवेज और नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर शामिल हैं। राज्यों के साथ मिलकर मेगा टेक्सटाइल पार्क और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की बात।
MSME और छोटे उद्योग: MSME को फायदा पहुंचाने वाले फैसले, लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स को पुश, और बजट से छोटे उद्योगों के विकास पर जोर। क्रेडिट की कमी नहीं है, किसानों को कोई परेशानी नहीं होगी।
एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट: शिक्षा के साथ स्किलिंग को जोड़ा जाएगा। इंडस्ट्रियल क्लस्टर के पास मेगा एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर और हाई एजुकेशन हब स्थापित करने के लिए राज्यों से सहयोग।
बायो-फार्मा और उभरते सेक्टर: बायो-फार्मा, सेमीकंडक्टर, कार्बन कैप्चर जैसे क्षेत्रों में भारत को ग्लोबल लीडर बनाने पर फोकस। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब बनाए जाएंगे।
विपक्ष पर पलटवार: राहुल गांधी के आरोपों (जैसे अमेरिका के साथ ट्रेड डील, क्रेडिट कमी आदि) का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस के समय UPA ने WTO में सरेंडर किया था, अब भारत किसी के सामने नहीं झुकेगा। पश्चिम बंगाल पर तीखा हमला – “बंगाल में बम चलता है, कानून नहीं”, कानून-व्यवस्था खराब होने का जिक्र (कलिगंज ब्लास्ट, मेदिनीपुर घटना आदि)।
अन्य: फिशिंग सेक्टर, अमृत सरोवर बहाली, और कुल व्यय 53.47 लाख करोड़ रुपये होने का उल्लेख।
उनका भाषण विपक्ष के हमलों (खासकर राहुल गांधी के) के जवाब में काफी आक्रामक रहा, और सदन में हंगामा भी हुआ।
