राहुल गांधी को ईमेल पढ़ने चाहिए… एपस्टीन विवाद पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का तीखा पलटवार: ‘बेबुनियाद आरोप, 3-4 बार ही मिला था’
राहुल गांधी को ईमेल पढ़ने चाहिए… एपस्टीन विवाद पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का तीखा पलटवार: ‘बेबुनियाद आरोप, 3-4 बार ही मिला था’
नई दिल्ली, 11 फरवरी 2026: लोकसभा में बजट सत्र के दौरान कांग्रेस नेता और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एपस्टीन फाइल्स को लेकर सनसनीखेज आरोप लगाए थे। राहुल ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेते हुए कहा था कि पुरी ने अनिल अंबानी को जेफ्री एपस्टीन से मिलवाया था और पूछा कि अंबानी अभी तक जेल में क्यों नहीं हैं। अब इस पर हरदीप सिंह पुरी ने तीखा पलटवार किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुरी ने राहुल के आरोपों को “बेबुनियाद” और “झूठ का पुलिंदा” बताया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी को ईमेल पढ़ने चाहिए… मैं एपस्टीन से सिर्फ 3-4 बार मिला था, वो भी इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) की डेलीगेशन के हिस्से के रूप में। मेरे बॉस टर्जे रोड-लार्सन एपस्टीन को जानते थे, हमारी मुलाकातें ऑफिशियल थीं—उनके अपराधों से कोई लेना-देना नहीं।”
पुरी ने राहुल पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को “फैक्ट्स चेक करने” की आदत नहीं है और वे हमेशा “बेबुनियाद आरोप” लगाते हैं, जिसमें “बफूनरी” (मूर्खता) के तत्व होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे न्यूयॉर्क में 8 साल रहे थे और IPI में काम करते हुए एपस्टीन से मुलाकात हुई, लेकिन यह किसी गलत गतिविधि से जुड़ी नहीं थी।
राहुल गांधी ने क्या कहा था?
लोकसभा में राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल्स का जिक्र करते हुए पीएम मोदी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एपस्टीन फाइल्स में हरदीप सिंह पुरी और अनिल अंबानी के नाम हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि पुरी ने अंबानी को एपस्टीन से मिलवाया और पूछा कि अंबानी जेल में क्यों नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी “कंप्रोमाइज्ड” हैं और एपस्टीन फाइल्स से जुड़े दबाव के कारण भारत-अमेरिका ट्रेड डील में सरेंडर कर रहे हैं। राहुल ने कहा, “पीएम की आंखों में डर दिखता है—एक वजह एपस्टीन फाइल्स (3 मिलियन फाइल्स अभी लॉक हैं), दूसरा अडानी।”
पुरी का पूरा जवाब और सफाई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुरी ने कहा:
“राहुल गांधी ने आज सदन में मेरा नाम कुछ घटनाक्रमों के संदर्भ में लिया—एपस्टीन फाइल्स। मैं आपको कुछ जानकारी साझा करना चाहता हूं।”
“मैं एपस्टीन से सिर्फ 3-4 बार मिला, वो भी डेलीगेशन के हिस्से के रूप में। मेरे पास कोई दिलचस्पी नहीं थी उनके कामों में।”
“राहुल गांधी को ईमेल पढ़ने चाहिए… वे बेबुनियाद आरोप लगाने की आदत रखते हैं। इसमें बफूनरी के तत्व हैं।”
पुरी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील की भी सराहना की और कहा कि पीएम मोदी ने वैश्विक अस्थिरता में एक अच्छा सौदा हासिल किया है। उन्होंने राहुल पर राजनीतिक ड्रामा करने का आरोप लगाया।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
बीजेपी: पार्टी ने राहुल के आरोपों को “झूठा प्रचार” बताया और कहा कि कांग्रेस हताशा में ऐसे बयान दे रही है।
कांग्रेस: राहुल के भाषण को “सच्चाई का आईना” बताया और कहा कि सरकार जवाब देना नहीं चाहती।
एपस्टीन फाइल्स का संदर्भ: जेफ्री एपस्टीन (2019 में मौत) के केस में जारी दस्तावेजों में कई बड़े नाम हैं, लेकिन भारतीय कनेक्शन पर अभी कोई ठोस सबूत नहीं।
यह विवाद बजट सत्र को और गर्म कर रहा है। क्या राहुल के आरोपों पर जांच होगी? या यह राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रहेगा? अपडेट्स के लिए बने रहें!
