अन्तर्राष्ट्रीय

तीन दिन के भारत दौरे पर फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, जानिये क्या है एजेंडा?

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 17 फरवरी 2026 को भारत पहुंचेंगे। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर 17 से 19 फरवरी तक तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए अहम मानी जा रही है, खासकर जब दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, AI और इंडो-पैसिफिक मुद्दों पर सहयोग बढ़ रहा है।

यात्रा का महत्व क्यों है? मुख्य कारण और एजेंडा:

एआई इंपैक्ट समिट में भागीदारी

मैक्रों नई दिल्ली में 19 फरवरी को होने वाले AI Impact Summit (ग्लोबल साउथ में पहला बड़ा AI शिखर सम्मेलन) में हिस्सा लेंगे। यह भारत और फ्रांस के बीच उभरती तकनीकों (क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज) पर सहयोग को हाइलाइट करेगा। दोनों देश AI, साइबर सिक्योरिटी और इनोवेशन में साझेदारी बढ़ाना चाहते हैं।

इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन

पीएम मोदी और मैक्रों मुंबई में इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का संयुक्त रूप से उद्घाटन करेंगे। यह पूरे साल चलने वाला कार्यक्रम होगा, जिसमें तकनीक, रिसर्च, स्टार्टअप और विज्ञान क्षेत्र में सहयोग पर फोकस रहेगा। यह ‘क्षितिज 2047 रोडमैप’ (Horizon 2047 Roadmap) का हिस्सा है, जो 2047 तक दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी का ब्लूप्रिंट है।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग

दोनों नेता द्विपक्षीय बातचीत में रक्षा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। हाल के वर्षों में भारत ने फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीदे हैं। इस यात्रा में राफेल-M (नेवी वर्जन) और सैफ्रान इंजन (फाइटर जेट इंजन) से जुड़ी बड़ी डील्स पर बात हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में 114 राफेल की अतिरिक्त खरीद और संयुक्त उत्पादन की संभावना भी जताई जा रही है, जो भारतीय वायुसेना और नौसेना की ताकत बढ़ाएगी।

रणनीतिक और आर्थिक महत्व

यह यात्रा पीएम मोदी की फरवरी 2025 में फ्रांस यात्रा के बाद हो रही है, जो दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान को दर्शाती है। इंडो-पैसिफिक में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत-फ्रांस की साझेदारी रणनीतिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है। व्यापार, ऊर्जा, पर्यावरण और स्पेस जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ेगा।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों को मजबूत करेगी। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय, बल्कि वैश्विक स्तर पर AI और इनोवेशन के एजेंडे को भी आगे बढ़ाएगा। भारत-फ्रांस रिश्ते अब ‘रणनीतिक साझेदारी’ से आगे ‘विस्तारित रणनीतिक साझेदारी’ की ओर बढ़ रहे हैं।

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