राजनीति

गतिरोध सुलझाने की कोशिशें तेज! स्पीकर ओम बिरला से मिले अमित शाह-राहुल गांधी; विपक्ष की इन 4 प्रमुख आपत्तियों पर सरकार ने दिया जवाब

गतिरोध सुलझाने की कोशिशें तेज! स्पीकर ओम बिरला से मिले अमित शाह-राहुल गांधी; विपक्ष की इन 4 प्रमुख आपत्तियों पर सरकार ने दिया जवाब

संसद के बजट सत्र में जारी गतिरोध को तोड़ने की कोशिशें तेज हो गई हैं। सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी (कांग्रेस), अखिलेश यादव (सपा), अभिषेक बनर्जी (टीएमसी) सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने मुलाकात की। इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी स्पीकर से अलग-अलग बैठक की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि स्पीकर ने गतिरोध सुलझाने के लिए पहल की है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ।

यह गतिरोध मुख्य रूप से लोकसभा में राहुल गांधी के भाषण को लेकर शुरू हुआ, जब उन्होंने पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब ‘Four Stars of Destiny’ के अंशों का हवाला देकर 2020 गलवान घाटी संघर्ष और चीन सीमा मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की। सरकार और स्पीकर ने इसे सदन के नियमों (अप्रकाशित सामग्री को कोट न करने) के खिलाफ बताते हुए रोक दिया, जिससे हंगामा बढ़ा और सदन बार-बार स्थगित हुआ।

विपक्ष की 4 प्रमुख आपत्तियां और सरकार का जवाब:

राहुल गांधी को राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दे पर बोलने से रोका जाना

विपक्ष का आरोप: राहुल ने दावा किया कि स्पीकर ने उन्हें बोलने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में वापस ले लिया। इसे लोकतंत्र पर ‘कलंक’ बताया और स्पीकर को पत्र लिखा। विपक्ष कहता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर विपक्ष की आवाज दबाई जा रही है।

सरकार का जवाब: किरेन रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी का दावा 100% सही नहीं है। स्पीकर ने गतिरोध खत्म करने के लिए पहल की थी—अगर सहमति बनी तो राहुल सहित अन्य नेताओं को बोलने का मौका मिलता। कोई एकतरफा कमिटमेंट नहीं था।”

अप्रकाशित किताब के अंशों को सदन में कोट करने पर रोक

विपक्ष का आरोप: राहुल ने किताब को ‘ऑथेंटिकेटेड’ बताया और जिम्मेदारी ली, लेकिन स्पीकर ने नियम 349 का हवाला देकर रोका। विपक्ष इसे सेंसरशिप मानता है।

सरकार का जवाब: अमित शाह और राजनाथ सिंह ने विरोध जताया कि अप्रकाशित/अनऑफिशियल सामग्री सदन में नहीं लाई जा सकती, इससे सदन को गुमराह किया जा सकता है।

विपक्षी सांसदों का निलंबन और सदन में हंगामा

विपक्ष का आरोप: पेपर उछालने वाले 8-9 विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए निलंबित किया गया, जिसे ‘अनुचित’ बताया।

सरकार का जवाब: सदन की कार्यवाही बाधित करने पर नियमों के तहत कार्रवाई जरूरी है। स्पीकर ने निष्पक्षता से फैसला लिया।

स्पीकर पर पक्षपात का आरोप और अविश्वास प्रस्ताव की धमकी

विपक्ष का आरोप: स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी, क्योंकि वे सत्ता पक्ष के पक्ष में काम कर रहे हैं।

सरकार का जवाब: रिजिजू ने कहा कि स्पीकर सदन चलाने के लिए प्रयासरत हैं। गतिरोध विपक्ष की जिद से है, न कि स्पीकर की तरफ से।

अभी तक सदन की कार्यवाही प्रभावित है, लेकिन दोनों पक्षों की बैठकें जारी हैं। अगर समझौता नहीं हुआ तो विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। संसद में यह सत्र अब तक सबसे ज्यादा विवादास्पद बन चुका है, जहां बजट चर्चा से पहले ही हंगामा प्रमुख मुद्दा है।

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