राष्ट्रीय

टेक्नोलॉजी गुलाम न बनाए, अनुशासन से बनेगा विकसित भारत: परीक्षा पे चर्चा में पीएम मोदी के छात्रों को बड़े गुरुमंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (9 फरवरी 2026) ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के दूसरे एपिसोड में देशभर के छात्रों से संवाद किया। यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे प्रसारित हुआ, जिसमें तमिलनाडु (कोयंबटूर), छत्तीसगढ़ (रायपुर), गुजरात (देव मोगरा) और असम (गुवाहाटी) के छात्रों से खास बातचीत हुई। पीएम मोदी ने परीक्षा तनाव, आत्मविश्वास, टेक्नोलॉजी, अनुशासन और 2047 के विकसित भारत के सपने पर फोकस किया।

मुख्य पॉइंट्स जो पीएम मोदी ने आज कहा:

टेक्नोलॉजी और AI का सही इस्तेमाल: छात्रों को सलाह दी कि मोबाइल या AI को अपना मालिक न बनने दें। कुछ बच्चे खाना भी फोन देखकर ही खाते हैं—यह गुलामी है। AI से डरने की जरूरत नहीं, बल्कि इसे स्किल्स बढ़ाने और पोटेंशियल सुधारने के लिए इस्तेमाल करें।

अनुशासन और आदतें विकसित करें: विकसित देश बनने के लिए रोजमर्रा की आदतें बदलनी होंगी—रेड लाइट पर इंजन बंद करना, खाना बर्बाद न करना, समय पर सोना। अनुशासन के बिना प्रेरणा बेकार है।

नींद और रिलैक्सेशन जरूरी: पर्याप्त नींद लें, मुस्कुराएं, हंसें—केवल किताबों में मत डूबें। अच्छी नींद से दिमाग खुश रहता है और पढ़ाई बेहतर होती है।

2047 का विकसित भारत: 10वीं-12वीं के छात्रों में Viksit Bharat 2047 का विजन देखकर खुशी हुई। सिंगापुर जैसे देशों से सीखें—वे छोटे हैं लेकिन डिसिप्लिन से आगे बढ़े।

कैरियर और स्टार्टअप: स्टार्टअप शुरू करने के लिए सिर्फ डिग्री जरूरी नहीं। सफलता की कहानियों के पीछे की जर्नी समझें, न कि अंधा पीछा करें। लीडरशिप के लिए इनिशिएटिव लें, आइडियाज क्लियर कम्युनिकेट करें।

परीक्षा को बोझ न मानें: परीक्षा को अवसर की तरह देखें। तनाव मुक्त रहें, आत्मविश्वास रखें। ‘आत्म’ और ‘विश्वास’ दोनों जरूरी हैं।

लाइफ बैलेंस: पढ़ाई के साथ पैशन (आर्ट, क्राफ्ट आदि) को बैलेंस करें। पैरेंट्स और टीचर्स की भूमिका महत्वपूर्ण है।

यह एपिसोड Exam Warriors सीरीज का हिस्सा है, जो NEP 2020 के तहत तनाव-मुक्त शिक्षा पर फोकस करता है। पहले एपिसोड (6 फरवरी) में भी पीएम ने तनाव प्रबंधन और पॉजिटिव माइंडसेट पर बात की थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *