उत्तराखंड में हेली सेवा विवाद! मुनस्यारी के लिए सबसे महंगा किराया, अन्य रूटों से दोगुना भी ज्यादा—स्थानीयों और पर्यटन कारोबारियों ने उठाई आवाज
उत्तराखंड में हेली सेवा विवाद! मुनस्यारी के लिए सबसे महंगा किराया, अन्य रूटों से दोगुना भी ज्यादा—स्थानीयों और पर्यटन कारोबारियों ने उठाई आवाज
उत्तराखंड सरकार की उड़ान योजना के तहत सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी में दो साल पहले शुरू हुई हेलीकॉप्टर सेवा अब विवादों में घिर गई है। हल्द्वानी से मुनस्यारी (35 मिनट की उड़ान) का किराया 5250 रुपये पहुंच गया है, जो प्रदेश के अन्य हेली रूटों से काफी ज्यादा है। उद्घाटन के समय यह किराया सिर्फ 3625 रुपये था, लेकिन अक्टूबर 2025 में दो बार बढ़ोतरी के बाद अब यह सबसे महंगा रूट बन गया है।
स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि समान दूरी और समय के बावजूद मुनस्यारी के लिए किराए में भारी असमानता है, जिससे आम आदमी के लिए हेली सेवा पहुंच से बाहर हो गई है। पर्यटन को बढ़ावा देने वाली इस सेवा का फायदा अब सिर्फ अमीर पर्यटकों तक सीमित रह गया है।
कुछ प्रमुख रूटों की तुलना (समय और किराया):
हल्द्वानी से मुनस्यारी — 35 मिनट — 5250 रुपये
हल्द्वानी से पिथौरागढ़ — 50 मिनट — 4200 रुपये
पिथौरागढ़ से मुनस्यारी — 30 मिनट — 2625 रुपये
अल्मोड़ा से पिथौरागढ़ — 30 मिनट — 1575 रुपये
देहरादून से बागेश्वर — 45 मिनट — 3675 रुपये
देहरादून से नौकुचियाताल — 50 मिनट — 3675 रुपये
देहरादून से टिहरी — 15 मिनट — 2100 रुपये
देहरादून से श्रीनगर — 14 मिनट — 1050 रुपये
हल्द्वानी से अल्मोड़ा — 30 मिनट — 2625 रुपये
स्थानीयों की शिकायतें:
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि मुनस्यारी के लिए किराया अन्य रूटों से दोगुना भी ज्यादा है, जिससे सीमांत क्षेत्र के लोगों को हेली सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा।
मुनस्यारी के होटल व्यवसायी देवेंद्र सिंह ने बताया कि किराया कम होने पर पर्यटन में तेजी आएगी, क्योंकि मुनस्यारी विश्व प्रसिद्ध हिमनगरी और ट्रेकिंग स्पॉट है।
कंपनी का पक्ष:
हेरिटेज एविएशन के जनरल मैनेजर मनीष भंडारी ने स्पष्ट किया कि हेली किराए की दरें केंद्र सरकार तय करती है। कंपनी प्रति यात्री बहुत कम मार्जिन पर सेवा दे रही है। साथ ही, 75 किलो तक यात्री वजन + 5 किलो सामान शामिल है, अतिरिक्त वजन पर 100 रुपये प्रति किलो चार्ज लगता है।
मुनस्यारी जैसे दूरस्थ और पर्यटन से भरपूर इलाके में हेली सेवा को सस्ता बनाने की मांग तेज हो गई है। सरकार और कंपनी से जल्द फैसला होने की उम्मीद है, ताकि सीमांत क्षेत्र के लोग और पर्यटक दोनों लाभान्वित हों। क्या किराया कम होना चाहिए या मौजूदा दरें ठीक हैं? कमेंट में अपनी राय बताएं!
